जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो बच्चे सर्जरी के लिए अहमदाबाद रवाना
• मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के 106वें बैच के तहत वैशाली के मासूमों को मिला नया जीवन
• आरबीएसके के जरिए चिह्नित बिदुपुर की खुशी और वैशाली के आरव का होगा निःशुल्क उपचार
• जिला स्वास्थ्य समिति परिसर से एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर पटना एयरपोर्ट के लिए भेजा गया
वैशाली। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग (हार्ट में छेद व अन्य विकार) से जूझ रहे वैशाली जिले के दो मासूम बच्चों को मंगलवार को निःशुल्क सर्जरी के लिए अहमदाबाद रवाना किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम द्वारा स्क्रीनिंग के दौरान चिह्नित इन बच्चों में बिदुपुर प्रखंड की खुशी रानी और वैशाली प्रखंड के आरव कुमार शामिल हैं। दोनों बच्चों को योजना के 106वें बैच के तहत ख्यातिप्राप्त 'श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल', अहमदाबाद भेजा गया है।
पटना एयरपोर्ट से अहमदाबाद की उड़ान:
जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली परिसर से स्वास्थ्य अधिकारियों ने विशेष एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों बच्चों और उनके परिजनों को पहले सड़क मार्ग से राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना पहुंचाया गया। वहां से प्रशासनिक समन्वय के साथ उन्हें पटना एयरपोर्ट से हवाई मार्ग द्वारा अहमदाबाद भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनकी हृदय संबंधी जटिल सर्जरी की जाएगी।
अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं:
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज, डीएमएंडईओ ऋतुराज, डीईआईसी प्रबंधक सह आरबीएसके समन्वयक डॉ. शाइस्ता, जिला लेखापाल शिप्रा सोनी और डाटा एंट्री ऑपरेटर श्रवण कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने बच्चों और उनके अभिभावकों का हौसला बढ़ाया और बच्चों के सफल ऑपरेशन व शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आर्थिक तंगी इलाज में नहीं बनेगी बाधा: योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जाती है। आरबीएसके की टीम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में निरंतर स्क्रीनिंग कर ऐसे बच्चों की पहचान करती है। आवश्यक मेडिकल जांच के बाद राज्य सरकार अपने खर्च पर बच्चों को देश के बड़े सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में भेजती है, ताकि पैसे के अभाव में कोई भी बच्चा जीवन रक्षक इलाज से वंचित न रहे।
वहीं क्लेफ्ट लिप, क्लिप पैलेट (कटे होंठ व तालु) और टंग टाई अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति परिसर से तीन चिन्हित बच्चों को बेहतर इलाज एवं शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के लिए पटना भेजा गया। जिसमे से एक को मेडिवर्सल मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल, पटना औऱ दो बच्चों को आईजीआईएमएस पटना भेजा गया। पटना मे फार्मासिस्ट राजीव कुमार उपस्थित होकर बच्चों औऱ अस्पताल संस्थान के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
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