निजी स्वास्थ्य संस्थानों के डिजिटल पंजीकरण की मुहिम तेज, चार नवंबर से ब्लॉक स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर
-जिले में अब तक उनसठ प्रतिशत ही हुआ स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण, चालीस फीसदी संस्थानों का डेटा अभी भी अपूर्ण
-चिकित्सकों के स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण हेतु दो हजार छह सौ पैंसठ आवेदन प्राप्त, महज पांच सौ तिरपन को मिली मंजूरी
वैशाली। जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों और वहां कार्यरत चिकित्सीय स्टाफ के डिजिटल पहचान (हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। नर्सिंग होम से लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर तक की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले में अभी भी लगभग चालीस प्रतिशत निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण शेष है, जिसे पूरा करने के लिए चार नवंबर से नौ दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इन संस्थानों का पंजीकरण है अनिवार्य:
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों में हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री के तहत पंजीकरण के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में सभी प्रकार के प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राइवेट क्लीनिक, पॉलीक्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर और डेंटल क्लीनिक को अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त इन संस्थानों में कार्यरत सभी चिकित्सकों और नर्सों को भी अपना स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण कराना होगा।
जिले के पंजीकरण का आंकड़ा:
जिले के पंजीकरण आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक कुल एक हजार तीन सौ पैंतालीस स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक आठ सौ पांच संस्थानों का पंजीकरण हो चुका है, जो कि लगभग उनसठ प्रतिशत है। श्रेणीवार तस्वीर देखें तो डिस्पेंसरी और क्लीनिक के पांच सौ छप्पन संस्थानों में से पैंसठ का पंजीकरण पूर्ण हुआ है। डायग्नोस्टिक सेंटर के छियानवे में से उनचास संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। हॉस्पिटल और नर्सिंग होम के एक सौ पचपन में से एक सौ उन्नीस का पंजीकरण पूरा हुआ है। फार्मेसी के पांच सौ अठारह के लक्ष्य के विरुद्ध पांच सौ सैंतालीस संस्थानों का पंजीकरण हो चुका है, जो लक्ष्य से अधिक है। इसी तरह फिजियोथेरेपी सेंटर के बीस के लक्ष्य के विरुद्ध पच्चीस संस्थानों का पंजीकरण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अभी भी पांच सौ चालीस संस्थानों का पंजीकरण होना बाकी है। वहीं चिकित्सकों के स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकरण आवेदन की बात करें तो जिले में अब तक दो हजार छह सौ पैंसठ चिकित्सकों ने आवेदन किया है, जिसमें से मात्र पांच सौ तिरपन को ही मंजूरी मिली है।
कब और कहां लगेंगे शिविर:
सभी प्रखंडों में लगने वाले इन शिविरों का समय दोपहर बारह बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित किया गया है। संबंधित प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रेफरल अस्पताल में यह शिविर लगेंगे। पटेढी बेलसर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चार नवंबर को, लालगंज के रेफरल अस्पताल में पांच नवंबर को, गोरौल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छह नवंबर को तथा वैशाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तेरह नवंबर को शिविर आयोजित होगा। इसी प्रकार जंदाहा में उन्नीस नवंबर, महनार में बीस नवंबर, देसरी में इक्कीस नवंबर, बिदुपुर में तेईस नवंबर, चेहरा कला में पच्चीस नवंबर, पातेपुर में सत्ताईस नवंबर, राघोपुर में अट्ठाईस नवंबर, भगवानपुर में तीस नवंबर, महुआ में तीन दिसंबर, राजापाकर में पांच दिसंबर और सहदेई बुजुर्ग में नौ दिसंबर तक शिविर आयोजित होंगे।
नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई:
जिला पदाधिकारी ने सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों और चिकित्सकों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित तिथि और स्थान पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराएं। अधिकारियों ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मुहिम सुनिश्चित करेगी कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराई जा सके।
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