वैशाली में कार्यस्थल पर महिलाओं का सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑन विमेन एट वर्कप्लेस विषयक कार्यशाला आयोजित
वैशाली। सदर अस्पताल, हाजीपुर के सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं का सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑन विमेन एट वर्कप्लेस (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) एक्ट, विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. आर.के. साहू सर एवं डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश ने की, तथा इसमें डीएमईए रितु राज की उपस्थिति रही।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में सिविल कोर्ट हाजीपुर के एडवोकेट राजेश रंजन, साथ ही दूरदर्शन पटना से मिस्टर कार्तिक और डॉ. अर्पणा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कानूनी पहलुओं और मीडिया की भूमिका पर मंथन:
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट राजेश रंजन ने अधिनियम के विभिन्न कानूनी प्रावधानों, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना और संस्थानों में पारदर्शी शिकायत तंत्र का होना बेहद आवश्यक है।
वहीं, दूरदर्शन पटना से पधारे मिस्टर कार्तिक और डॉ. अर्पणा ने कार्यस्थल पर जेंडर सेंसिटिविटी और सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रभावी संवाद और जागरूकता अभियानों के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
सुरक्षित कार्यस्थल हमारी प्राथमिकता: सिविल सर्जन
अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. आर.के. साहू सर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अपने सभी संस्थानों में महिलाओं के लिए भयमुक्त और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डीआईओ डॉ. विशाल प्रकाश ने भी अपने संबोधन में कार्मिकों को नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने का संदेश दिया।
कार्यशाला के अंत में उपस्थित चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने कार्यस्थल पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति का संकल्प लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े अपने कई सवाल भी रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
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