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    जिलाधिकारी डॉ. वर्षा सिंह के मार्गदर्शन में कटे-फटे होंठ व तालू से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष अभियान का शंखनाद

    ​वैशाली। जिलाधिकारी वैशाली डॉ. वर्षा सिंह के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिले के कटे-फटे होंठ, कटे तालू और टंग टाई से ग्रसित बच्चों को एक नया जीवन देने के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित बारह पीड़ित बच्चों को पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवासल अस्पताल में आयोजित विशेष चिकित्सा शिविर के लिए चार एंबुलेंस के जरिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस प्रेरणादायक पहल से बच्चों के अभिभावकों में भारी खुशी और उम्मीद की एक नई किरण जग गई है।

    ​जिलाधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों की विशेष अपील:

    ​जिलाधिकारी डॉ. वर्षा सिंह ने इस जनकल्याणकारी अभियान को सफल बनाने के लिए जिले की सभी आशा कार्यकर्ताओं और ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजरों से विशेष अपील की है कि वे जमीनी स्तर पर पूरी तन्मयता से काम करें। उन्होंने निर्देश दिया है कि क्षेत्र में अधिक से अधिक ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जाए ताकि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से उनका नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित हो सके और प्रभावित बच्चे स्वस्थ होकर अपनी सामान्य जिंदगी में वापस लौट सकें। इसी क्रम में सिविल सर्जन डॉ. आर. के. साहू ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि विभाग की पूरी कोशिश है कि जिले के अधिक से अधिक पीड़ित बच्चों को समय पर चिन्हित करवाया जा सके और उन्हें बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न न हो।

    ​प्रसव कक्ष से लेकर विद्यालयों तक बच्चों की पहचान की पुख्ता व्यवस्था:

    ​अभियान की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कटे-फटे होंठ, तालू और टंग टाई जैसे ज्यादातर मामले जन्म के समय प्रसव कक्ष में ही चिन्हित कर लिए जाते हैं। जो बच्चे वहां छूट जाते हैं, उन्हें आंगनबाड़ी और विद्यालयों में हमारी चलंत चिकित्सा दल द्वारा खोजकर चिन्हित किया जाता है। इसके पश्चात जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से पूर्व-स्वीकृति तैयार कर उन्हें सही संस्थान में नि:शुल्क शल्य चिकित्सा हेतु भेजा जाता है।

    ​दो चरणों में संचालित हो रहा है विशेष स्वास्थ्य अभियान:

    ​यह संपूर्ण अभियान दो चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों का सही समय पर इलाज कराकर उन्हें बोलना, पढ़ना और सामान्य जीवन जीना सिखाना है। प्रथम चरण चौबीस से छब्बीस सितंबर दो हजार छब्बीस तक चलाया जा रहा है, जिसमें पच्चीस सितंबर को मेडिवासल अस्पताल में आयोजित शिविर के साथ चिन्हित बच्चों का सामूहिक स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक जांच प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, द्वितीय चरण दो अक्टूबर से चौदह नवंबर दो हजार छब्बीस तक निर्धारित किया गया है, जिसके दौरान जिलेभर में व्यापक खोज अभियान चलाकर और अधिक पीड़ित बच्चों को ढूंढ निकाला जाएगा और उनकी नि:शुल्क शल्य चिकित्सा कराई जाएगी।

    ​सुरक्षित यात्रा और देखरेख के लिए विशेष कर्मियों की तैनाती:

    ​बच्चों की सुरक्षित यात्रा और अस्पताल प्रबंधन के साथ सुचारू तालमेल के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट राजीव कुमार को विशेष रूप से तैनात किया गया है। वे पटना स्थित मेडिवासल अस्पताल में बच्चों की देखरेख व जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरा कराना सुनिश्चित करेंगे और उसके उपरांत सभी बच्चों व उनके अभिभावकों को सुरक्षित वापस उनके घर तक छोड़कर आएंगे। वाहनों को रवाना करने के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति वैशाली की जिला समन्वयक डॉ. शाहिस्ता, हाजीपुर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार सौरभ, डॉ. राकेश शाह, डॉ. सुष्मिता कुमारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर श्रवण कुमार सहित चिकित्सीय टीम के तमाम अधिकारी उपस्थित रहे।

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