एचआईवी के खिलाफ गांव तक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की मुहिम
मोतिहारी। एचआईवी एड्स के पति जागरूकता बढ़ाने और बीमारी की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी मुहिम को अब समुदाय के करीब पहुंचाना शुरू कर दिया है। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वाधान में पूर्वी चंपारण में सघन जागरूकता अभियान तथा स्वीकृत माइक्रो प्लान के तहत लगातार इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप आयोजित किया जा रहे हैं। इन शिविरों में जागरूकता के साथ जांच परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में आज सिविल सर्जन पूर्वी चंपारण दिलीप कुमार की अध्यक्षता में आरोग्य सदन स्वास्थ्य समिति में जिले के संबंधित अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि के साथ एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मूल उद्देश्य लक्षित लाभार्थियों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। सिविल सर्जन सर द्वारा एचआईवी एड्स से संबंधित जागरूकता, स्वास्थ्य परामर्श आवश्यक जांच समेत निर्धारित स्वास्थ्य गतिविधियों संचालित करने तथा एचआईवी एड्स के प्रति सजग करने के साथ बीमारी से जुड़े भ्रम और झिझक को दूर करने पर भी जोड़ दिया गया।जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर संजीव के द्वारा बताया गया कि एचआईवी एड्स से संबंधित जागरूकता के लिए इंटेंसिफाइड आईईसी 3.0 कैंपेन चलाया जा रहा है जो बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति पटना के आदेश अनुसार 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। जिले में चल रहे इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप के तहत एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, टीबी, एनीमिया, ब्लड शुगर, हाइपरटेंशन आदि मुफ्त जांच तथा परामर्श एवं दवा का वितरण किया जा रहा है। जिला प्रभारी पर्यवेक्षक संजय जायसवाल ने बताया कि एचआईवी एड्स को विभिन्न तकनीकी की मदद से इससे बचने के उपाय के बारे में प्रचार प्रसार, जागरूकता, रैली, पोस्टर, बैनर, रेड रिबन क्विज, नुक्कड़ नाटक जैसे अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि आम लोगों में एचआईवी एड्स के पति संपूर्ण जानकारी पहुंच सके और लोग न सिर्फ़ इससे सतर्क रहे बल्कि एचआईवी एड्स पीड़ित के प्रति भी सामाजिक दायित्व को निर्वहन कर सके। इसके साथ ही युवा वर्ग और किशोरावस्था से गुजर रहे बच्चों को भी जागरूक किया जा रहा है। श्री जायसवाल ने आगे बताया कि एचआईवी एड्स संक्रमित लोगों के साथ समान्य व्यवहार करने से इसका संक्रमण नहीं फैलता जबकि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई साझा इस्तेमाल करने तथा माता-पिता से बच्चों में फैलता है। उन्होंने जन्म मानस को कलंक,अफवाह सामाजिक लालंक्षण या भेदभाव को ध्यान न देने की अपील की और कहा कि जागरूकता से ही एचआईवी एड्स से बचाव संभव है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है..एचआईवी एड्स के संक्रमण के मांगों के संबंध में जन जागरूकता,एचआईवी एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2017 के संबंध में जागरूकता,गर्भवती महिलाओं एवं एएनसी सेवाओं प्राप्त करने वाली महिलाओं के बीच एचआईवी एवं सिफलिस की जानकारी
ब्रेक फ्री एप्लीकेशन के सक्रिय प्रचार प्रचार के माध्यम से ऑनलाइन एचआईवी मौखिक आकलन रिस्क एसेसमेंट टूल के उपयोग को बढ़ावा देना,,कंडोम ,यौन संचारित संक्रमण सेवाओं सहित राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध अन्य सेवाओं की मांग तथा राष्ट्रीय एड्स टोल फ्री हेल्पलाइन 1097 के उपयोग हेतु जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी एड्स के संबंध में जन जागरूकता को सुदृढ़ करने हेतु राज्य, जिला ,प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर विभिन्न सरकारी विभागों एवं प्रशासनिक इकाइयों के सहयोग से जागरूकता एवं एचआईवी जांच हेतु बढ़ावा।
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