फाइलेरिया मरीजों को दी गई स्व-देखभाल और बचाव की जानकारी
-महुआवा उप स्वास्थ्य केंद्र में फाइलेरिया मरीजों के लिए एमएमडीपी कार्यशाला आयोजित
-13 मरीजों को मिली एमएमडीपी किट, स्व-देखभाल और संक्रमण से बचाव के बताए उपाय
शिवहर। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत पिपराही प्रखंड के महुआवा उप स्वास्थ्य केंद्र में फाइलेरिया (हाथी पांव) से पीड़ित मरीजों के लिए एक दिवसीय एमएमडीपी (रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता निवारण) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान 13 फाइलेरिया मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता एएनएम बबीता कुमारी ने की। उन्होंने फाइलेरिया की रोकथाम के लिए संचालित सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की जानकारी देते हुए लोगों से नियमित रूप से दवा का सेवन करने तथा परिवार और समुदाय के अन्य लोगों को भी दवा लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
कार्यशाला में मरीजों को फाइलेरिया प्रभावित अंग की नियमित सफाई, पैरों की उचित देखभाल, सूजन कम करने के उपाय और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। एमएमडीपी किट में उपलब्ध साबुन, तौलिया, एंटीसेप्टिक, चप्पल सहित अन्य सामग्री के सही उपयोग की जानकारी मरीजों को दिया गया।
नियमित स्व-देखभाल से जटिलताओं से बचाव संभव:
पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम पदाधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने कहा कि फाइलेरिया गंभीर बीमारी है, लेकिन नियमित स्व-देखभाल और उचित प्रबंधन से मरीज कई जटिलताओं से बच सकते हैं। एमएमडीपी किट घर पर नियमित देखभाल में काफी उपयोगी है।
मरीजों को डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट बनवाने तथा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई, ताकि पात्र मरीज सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में आशा फैसिलेटेटर उषा कुमारी, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य फाइलेरिया मरीजों को स्व-देखभाल के लिए सक्षम बनाना, विकलांगता एवं संक्रमण से बचाव तथा समुदाय में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
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