नियमित टीकाकरण को मिलेगी मजबूती, यू-मेंटर ऐप के प्रभावी संचालन पर कार्यशाला संपन्न
-यू-मेंटर डैशबोर्ड और 12 चेकलिस्ट से कोल्ड चेन व सत्रों की होगी सीधी डिजिटल मॉनिटरिंग
-ब्लॉक स्तर पर कर्मियों को प्रशिक्षित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर
वैशाली। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में यू-मेंटर एप्लीकेशन पर ट्रेनर के प्रशिक्षण की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल प्रकाश एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
बैठक में जिले के सभी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, बीसीएम, बीएमईए के साथ-साथ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी कार्यालय से संजय सिंह, रणधीर कुमार (यूएनडीपी), सिद्धार्थ शेखर (जेएसआई), दीपक कुमार (पीसीआई) और राज्य स्तर से आए अन्य पदाधिकारी सादान अहमद एवं विवेक कुमार उपस्थित रहे।
12 तरह के चेकलिस्ट से होगी सत्रों की सूक्ष्म निगरानी:
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल प्रकाश ने बताया कि यू-मेंटर एक एकल, एकीकृत, सरकार के स्वामित्व वाली और सरकार द्वारा प्रबंधित डिजिटल एप्लीकेशन है, जिसका मुख्य उद्देश्य नियमित टीकाकरण की प्रभावी एवं व्यवस्थित मॉनिटरिंग करना है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से सभी सत्रों के सुगमनात्मक पर्यवेक्षण मॉनिटरिंग के अंतर्गत बारह प्रकार के चेकलिस्ट भरे जाने हैं। इन चेकलिस्ट के जरिए सेवा-कार्य योजना एवं तैयारी से लेकर कोल्ड चेन प्रबंधन, टीकाकरण सत्र स्थल मॉनिटरिंग तथा घर-घर मॉनिटरिंग जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों की सूक्ष्म निगरानी की जा सकती है।
जमीनी स्तर पर कमियों को दूर करेंगी सहयोगी संस्थाएं:
बैठक में उपस्थित राज्य स्तर और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल उपकरणों और उपलब्ध डेटा का सही उपयोग करके जमीनी स्तर की कमियों की समयबद्ध पहचान, अनुश्रवण और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके, जिससे नियमित टीकाकरण की गुणवत्ता और कवरेज में निरंतर सुधार हो सके।
डैशबोर्ड डेटा की होगी नियमित और मासिक समीक्षा:
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि यू-मेंटर डैशबोर्ड पर उपलब्ध मॉनिटरिंग डेटा की जिला स्तर पर नियमित एवं मासिक समीक्षा की जाएगी। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि डैशबोर्ड पर प्रदर्शित डेटा एवं मॉनिटरिंग निष्कर्षों की समीक्षा प्रत्येक जिला और प्रखंड स्तरीय बैठकों में की जाए तथा चिन्हित कमियों पर आवश्यक कार्रवाई एवं अनुश्रवण सुनिश्चित हो।
अंत में सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि वे आज के प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी एवं अनुभव को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू करें तथा अपने-अपने प्रखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों का यू-मेंटर ओरिएंटेशन व प्रशिक्षण सुनिश्चित करें, ताकि यू-मेंटर का उपयोग सभी स्तरों पर एक समान और प्रभावी रूप से किया जा सके।
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