सरकारी अस्पतालों में मुफ्त ईसीजी सुविधा वरदान, एक साल में 43 हजार से अधिक लोगों ने उठाया लाभ
हाजीपुर। वैशाली जिले के स्वास्थ्य महकमे ने आम जनता के लिए एक बेहद सकारात्मक और राहत भरी पहल की है। जिले के सदर अस्पताल से लेकर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक कुल 19 सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के बाद पूरी तरह निःशुल्क ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले मरीजों को हृदय संबंधी जांच के लिए महंगे निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ता था, जहां न सिर्फ जेब पर भारी बोझ पड़ता था बल्कि सही प्रकार से जांच भी नहीं हो पाती थी। अब सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा मिलने से गरीबों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली है।
हृदय रोगों की समय पर पहचान और बेहतर इलाज:
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ईसीजी एक दर्द रहित मेडिकल टेस्ट है जो दिल की धड़कनों की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है। इससे दिल की रफ्तार और उसकी रिदम का सटीक पता चलता है। सीने में दर्द, धड़कन बहुत तेज होने या अनियमित होने जैसी शिकायतों पर समय रहते हार्ट अटैक या अन्य समस्याओं की पहचान करने में यह जांच बेहद मददगार साबित हो रही है।
आंकड़ों में देखिए जनहित की इस योजना की सफलता:
वैशाली जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान यानी अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक कुल 43,913 मरीजों का निःशुल्क ईसीजी किया गया है। विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सबसे अधिक जांच कराने वाले प्रमुख केंद्रों में सदर अस्पताल, हाजीपुर सबसे आगे है जहां सबसे अधिक 19,175 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा बिदुपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,837, अनुमंडलीय अस्पताल महुआ में 2,720, भगवानपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,607, पातेपुर स्वास्थ्य संस्थान में 2,123 और गोरौल स्वास्थ्य संस्थान में 1,999 मरीजों को इस सुविधा का लाभ मिला है।
अधिकारियों की निगरानी से व्यवस्था दुरुस्त:
सिविल सर्जन डॉ. आर.के. साहु ने बताया कि ईसीजी जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर मरीज की स्थिति के अनुसार तत्काल आगे के उच्चस्तरीय उपचार का निर्णय लिया जाता है। वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज रोजाना सभी संस्थानों से ईसीजी प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हैं ताकि किसी भी तकनीकी दिक्कत को तुरंत दूर किया जा सके।
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह द्वारा इस पूरी सेवा की लगातार गहन समीक्षा की जा रही है तथा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी प्रत्यक्ष देखरेख में ईसीजी सेवाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। जिला प्रशासन के इस संवेदनशील प्रयासों से वैशाली की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नया आयाम मिला है।
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