सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण को लेकर 54 फार्मासिस्टों का दो दिवसीय प्रशिक्षण
-मॉडल दवा भंडार की कार्यप्रणाली से कराया गया अवगत, स्टॉक व एक्सपायरी प्रबंधन पर जोर
सीतामढ़ी। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और निर्बाध बनाने के उद्देश्य से जिले में दवा प्रबंधन एवं सप्लाई चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में जिले के सभी 54 फार्मासिस्टों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
सिविल सर्जन सीतामढ़ी डॉ. आर.के. यादव के नेतृत्व में सदर अस्पताल में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार झा एवं पिरामल फाउंडेशन की टीम के सहयोग से मॉडल दवा भंडार की स्थापना की गई है। इसमें दवाओं के सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण, एक्सपायरी की निगरानी तथा फ़िफो (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट ) और फेफो (फर्स्ट एक्सपायरी, फर्स्ट आउट) जैसी तकनीकों के माध्यम से दवा प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा रहा है।
मॉडल दवा भंडार की कार्यप्रणाली को जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण में फार्मासिस्टों को वैज्ञानिक दवा भंडारण, इंडेंटिंग, स्टॉक प्रबंधन, एक्सपायरी की निगरानी और प्रभावी सप्लाई चेन प्रबंधन की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में पिरामल फाउंडेशन की राज्य एवं जिला स्तरीय टीम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ स्टॉक प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में निरंतर सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर पहल और नवाचार किए जा रहे हैं। दवा प्रबंधन एवं सप्लाई चेन को मजबूत करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रभावी सप्लाई चेन से आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और आमजन को बेहतर एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी संतोष कुमार, पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर चितरंजन कुमार, प्रभाकर कुमार, रितु कुमारी, प्रोग्राम लीड अश्विनी श्रीवास्तव, दुर्गा प्रसाद, बिकेश कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
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