स्वास्थ्य केंद्रों के मुल्यांकन के लिए तैयार किये जा रहे इंटरनल अस्सेसर
•राजकीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण
•राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के तत्वावधान में प्रशिक्षण कार्यशाला का हो रहा आयोजन
पटना- राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता आंकलन एवं प्रमाणन के लिए विभाग द्वारा राज्य में ही इंटरनल अस्सेसर/सर्विस प्रोवाइडर तैयार किए जा रहे हैं. मालूम हो कि इससे अस्सेसर की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमाणीकरण को गति मिलेगी. इसी क्रम में बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के तत्वावधान में शेखपुरा स्थित राज्यकीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में जिलों से आए स्वास्थ्य अधिकारीयों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत की गयी. साथ ही प्रतिभागियों को सर्विस प्रोवाइडर ( सेवा प्रदाता ) के रूप में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यशाला में निदेशक, पुब्लिक हेल्थ, बिहार विद्यापीठ तथा जिलों से आए डीपीएम, बीसीएम, बीएचएम, सीएचओ, हेल्थ मेनेजर, डेंटल सर्जन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे. प्रशिक्षण कार्यशाला में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया.
सेवा की शुरुआत घर से करें:
प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, गुणवत्ता आश्वासन सह राज्य नोडल, सड़क सुरक्षा, डॉ. अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी/कर्मी सभी सेवा प्रदाता हैं और सेवा की शुरुआत घर से होती है. उन्होंने बताया कि अगर घर में गर्भवती महिला के साथ लड़ाई-झगड़ा किया जाता है तो यह याद रखने की जरुरत है कि इससे महिला के साथ-साथ उसके गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक विकास और देश की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागी ध्यान से प्रशिक्षकों की बतायी जा रही बातों को सुनें और समझें. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों का टेस्ट लिया जाएगा और सफल प्रतिभागियों को केंद्र सरकार की तरफ से इंटरनल अस्सेसर का सर्टिफिकेट दिया जाएगा.
क्वालिटी एवं एनक्वास प्रमाणीकरण पर किया गया उन्मुखीकरण:
क्वालिटी एवं एनक्वास प्रमाणीकरण पर विस्तार से बात करते हुए यूनिसेफ के डॉ. जगजीत सिंह ने सभी प्रतिभागियों को गुणवत्ता आंकलन की बारीकियों की जानकारी दी और उनकी समस्याओं का समाधान किया. उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता आंकलन के विभिन्न आयामों की चर्चा की. कार्यशाला में पिरामल फाउंडेशन की तरफ से डॉ. उत्तम कुमार, डॉ. तौसीफ कमर, गुंजन गौरव और यूनिसेफ की तरफ से राज कमल शर्मा द्वारा गुणवत्ता आंकलन के आयामों पर उन्मुखीकरण किया जाएगा.
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