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    सदर अस्पताल में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जागरूकता रैली, सिविल सर्जन ने किया रवाना

    -​जन भागीदारी से मिटेगा डेंगू, 'चेक, क्लीन एंड कवर' थीम पर वैशाली में अभियान तेज

    ​वैशाली। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार वैशाली जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल परिसर में राष्ट्रीय डेंगू दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम नंदन प्रसाद एवं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. गुड़िया कुमारी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष राष्ट्रीय डेंगू दिवस की मुख्य थीम 'कम्युनिटी पार्टिसिपेशन डेंगू कंट्रोल: चेक, क्लीन एंड कवर' यानी 'डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी: जांच करें, सफाई करें और ढकें' रखी गई है, जिसके तहत आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    ​स्कूली बच्चों को दी गई बीमारी और रोकथाम की जानकारी:

    ​सदर अस्पताल से निकली यह जागरूकता रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों ने नारों के माध्यम से लोगों को सचेत किया। इस अभियान के तहत पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूलों के विद्यार्थियों को भी डेंगू बीमारी और इसके रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा पदाधिकारियों ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से होती है, जो मुख्य रूप से दिन में काटता है और घरों के भीतर या आस-पास जमा साफ और स्थिर पानी में पनपता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। इसके साथ ही गमलें, कूलर, एसी या फ्रिज की ट्रे और टूटे-फूट बर्तनों में पानी जमा न होने दें और हर दूसरे दिन इनका पानी बदलते रहें।

    ​तेज बुखार में एस्पिरिन-ब्रूफेन लेने से बचें, पैरासिटामोल ही सुरक्षित:

    ​अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि तेज बुखार होने की स्थिति में मरीज को एस्पिरिन अथवा ब्रूफेन की गोलियां कदापि न दें, इसके उपचार के लिए केवल पैरासिटामोल ही सबसे सुरक्षित दवा है। राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में इसकी जांच एवं इलाज की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या परामर्श के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 104 और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के लिए 102 पर संपर्क किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद, जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. गुड़िया कुमारी, वीडीसीओ राजीव कुमार, अनिकेत कुमार, वीबीडीसी धीरेन्द्र कुमार, पंकज कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

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