कायाकल्प योजना के तहत अंकेक्षण: अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं होंगी उपलब्ध
-सफाई, मरीजों के साथ व्यवहार और प्रबंधन व्यवस्था पर रहा फोकस
मुजफ्फरपुर। सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत राज्य स्तरीय दो सदस्यीय टीम ने मंगलवार को मुरौल स्वास्थ्य केंद्र का अंकेक्षण किया गया, एवं 10 मार्च को मरवन एवं मोतीपुर स्वास्थ्य केंद्र का अंकेक्षण किया जाएगा । टीम में क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक दरभंगा नजमुल होदा एवं पिरामल के प्रशांत कुमार झा शामिल थे। टीम ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, दवा भंडार, ओपीडी समेत विभिन्न वार्डों की स्वच्छता, रख-रखाव और प्रबंधन की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।
तीन चरणों में होता है मूल्यांकन:
कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों का मूल्यांकन तीन चरणों में किया जाता है- आंतरिक मूल्यांकन,पीयर असेसमेंट और राज्य स्तरीय मूल्यांकन। अस्पताल को राज्य स्तरीय मूल्यांकन में शामिल होने के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाता है।
स्वच्छता और मरीजों से व्यवहार पर जोर:
दरभंगा प्रमंडल के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने बताया कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य अस्पतालों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और मरीजों के अनुकूल बनाना है।
उन्होंने कहा, “अस्पताल प्रशासन को स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों के साथ व्यवहार में सुधार जैसे बिंदुओं पर लगातार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।” अस्पताल में स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की साफ-सफाई और शांत वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, मरीजों से मुलाकात के लिए निश्चित समय तय किया गया है ताकि अस्पताल का वातावरण अनुशासित बना रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार:
नजमुल होदा ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, “पहले की तुलना में अस्पतालों की स्थिति में काफी सुधार आया है। प्रसव सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ी है और जटिल प्रसव के मामले भी सुरक्षित रूप से संभाले जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का सहयोग भी इस दिशा में महत्वपूर्ण है।”
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