सदर अस्पताल में एमडीए अभियान का शुभारंभ: सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद ने दवा खिलाकर किया उद्घाटन
- कल मेगा कैंप का होगा आयोजन
- इस बार सिर्फ महुआ और चेहराकला में ही चलेगा अभियान
वैशाली। वैशाली जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का विधिवत शंखनाद किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद ने किया। इस दौरान उन्होंने सदर अस्पताल में आए फाइलेरिया के संदिग्ध लोगों को अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर समुदाय को इस बीमारी के विरुद्ध एकजुट होने का संदेश दिया।
प्री-टास में पहुंचे जिले के अधिकांश प्रखंड:
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया कि इस वर्ष जिले के लिए यह गौरव की बात है कि वैशाली के अधिकांश प्रखंड प्री-टास चरण में सफलतापूर्वक पहुंच चुके हैं। इसी कारण इस बार एमडीए अभियान केवल महुआ और चेहराकलां प्रखंडों तक ही सीमित रखा गया है। शेष प्रखंडों में संक्रमण दर 1 से कम स्तर पर आ गई है।
कल महुआ और चेहराकलां में सजेगा मेगा कैंप:
अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कल यानी बुधवार को विशेष मेगा कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। महुआ प्रखंड की सुपौल टारिया पंचायत और चेहराकलां की अबाकरपुर पंचायत में इन कैंपों का आयोजन होगा।
सावधानियाँ और दवाओं का सेवन:
सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। माइक्रो फाइलेरिया शरीर में होने पर दवा खाने के बाद मामूली सिरदर्द, बुखार या जी मिचलाने जैसे लक्षण दिख सकते हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि दवा अपना काम कर रही है और कीटाणु मर रहे हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
अपील: खाली पेट दवा न खाएं
डॉ गुड़िया ने अपील की है कि इन दोनों प्रखंडों के सभी नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए दवाओं का सेवन अवश्य करें। ध्यान रहे कि दवा का सेवन कभी भी खाली पेट न करें। फाइलेरिया जैसी दिव्यांगता बनाने वाली बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए मेगा कैंप के माध्यम से हर व्यक्ति तक दवा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मौके पर भीबीडीसी धीरेन्द्र कुमार, भीडीसीओ अनिकेत, निहाल, राजीव, पिरामल स्वास्थ्य से दीपिका, पियूष चंद्र, अर्पिता, फाइलेरिया इंचार्ज अमित सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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