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    बाल हृदय योजना: मुजफ्फरपुर के 106 मासूमों को मिला नया जीवन, जांच और उपचार में जिले ने पेश की मिसाल

    मुजफ्फरपुर। बिहार सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण 'बाल हृदय योजना' मुजफ्फरपुर जिले के उन परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जिनके बच्चे जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 अप्रैल 2021 से लेकर 12 जनवरी 2026 तक की समय सीमा के भीतर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर व्यापक सुधार देखा गया है। इस लंबी अवधि के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के कुल 202 बच्चों की हृदय संबंधी विशेष जांच की गई। इन जांचों का मुख्य ध्येय उन बच्चों की पहचान करना था जिनके हृदय में जन्मजात दोष थे, ताकि उन्हें समय रहते उचित चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सके।

    सफल उपचार के मामले में मुजफ्फरपुर की बड़ी उपलब्धि:

    जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रोग से ग्रसित पाए गए बच्चों को राज्य के आईजीआईएम एस अस्पताल एवं श्री सत्य साईं अस्पताल अहमदाबाद में उपचार हेतु भेजा गया। मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कर्मठता का ही परिणाम है कि अब तक कुल 106 बच्चों का सफल उपचार संपन्न हो चुका है। यह आंकड़ा जिले के लिए एक बड़ी मानवीय सफलता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि हृदय रोगों का उपचार अत्यंत महंगा होता है और साधारण आय वाले परिवारों के लिए इसे वहन करना प्रायः असंभव होता है। जिले के इन 106 बच्चों के पूर्णतः स्वस्थ होने से न केवल उन्हें नया जीवन मिला है, बल्कि उनके अभिभावकों की आर्थिक और मानसिक चिंताएं भी समाप्त हुई हैं।

    विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का सराहनीय योगदान:

    उपचार के इन आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि जिले के बच्चों को अलग-अलग स्तर पर श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गई हैं। सबसे बड़ी संख्या में बच्चों का उपचार बीएचवाई के अंतर्गत अस्पतालों में हुआ, जहाँ कुल 61 बच्चों को स्वस्थ किया गया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पटना के सरकारी संस्थानों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। पटना स्थित आईजीआईसी में जिले के 18 बच्चों का इलाज हुआ, जबकि आईजीआईएमएस पटना में 15 बच्चों को नया जीवन मिला। साथ ही, आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण जय प्रभा मेदांता अस्पताल में भी मुजफ्फरपुर के 12 बच्चों का सफल उपचार कराया गया।

    राज्य स्तर पर मुजफ्फरपुर की स्थिति और भविष्य की राह:

    संपूर्ण बिहार राज्य की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करें तो मुजफ्फरपुर उन प्रमुख जिलों की सूची में शामिल है जहाँ जांच और इलाज का अनुपात काफी संतोषजनक है। राज्य भर में अब तक कुल 5093 बच्चों की हृदय जांच की गई है, जिनमें से 2705 बच्चों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा चुका है। मुजफ्फरपुर के 202 बच्चों की जांच का आंकड़ा यह प्रमाणित करता है कि जिले का स्वास्थ्य ढांचा जमीनी स्तर पर बच्चों की बीमारियों को लेकर अत्यंत सजग है। इस योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही समय पर व्याधि की पहचान हो और सरकारी तंत्र का सहयोग मिले, तो धन के अभाव में किसी भी मासूम की जान नहीं जाएगी। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में इस अभियान को और अधिक विस्तार दिया जाएगा ताकि जिले का कोई भी बच्चा इस गंभीर बीमारी के प्रभाव में न रहे।

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