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    मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से मासूमों के दिल को मिलेगी नई धड़कन, दो बच्चे अहमदाबाद प्रस्थान

    - ​हरी झंडी दिखाकर बच्चों को किया रवाना, सफल उपचार हेतु दीं शुभकामनाएं

    - ​राघोपुर के अभिराज और वैशाली के अयांश का राज्य सरकार कराएगी नि:शुल्क ऑपरेशन

    ​वैशाली। बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के अंतर्गत 'हृदय में छेद' के साथ जन्मे बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना वैशाली जिले के निर्धन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिले के दो मासूम बच्चों को उच्च स्तरीय उपचार और नि:शुल्क शल्य चिकित्सा के लिए अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल भेजा गया। जिला स्वास्थ्य समिति परिसर से एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो बच्चों को पहले राज्य स्वास्थ्य समिति पटना और फिर वहां से वायु मार्ग द्वारा अहमदाबाद ले जाएगी। इस अवसर पर जिले के उच्चाधिकारियों ने बच्चों के अभिभावकों को ढांढस बंधाया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की।

    प्रशासनिक संवेदनशीलता और नि:शुल्क उपचार का संकल्प:

    ​इस अवसर पर जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के हृदय में जन्मजात छिद्र की समस्या न केवल शारीरिक कष्ट देती है, बल्कि निर्धन परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ भी डालती है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी भी बालक का उपचार न रुके। जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि ये बच्चे शीघ्र ही पूर्णतः स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे और एक सामान्य जीवन व्यतीत कर सकेंगे।

    चिन्हीकरण से लेकर शल्य चिकित्सा तक की सुगम प्रक्रिया:

    ​सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत इन बच्चों को चिन्हित किया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि जत्था संख्या 95 के तहत राघोपुर प्रखंड के अभिराज कुमार और वैशाली प्रखंड के अयांश कुमार का चयन किया गया है। सिविल सर्जन के अनुसार, जिला स्वास्थ्य इकाई बच्चों की पहचान से लेकर उनके अहमदाबाद जाने और वहां से सफल ऑपरेशन कराकर लौटने तक की पूरी प्रक्रिया की कड़ाई से निगरानी करती है, ताकि परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    ​स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और विभागीय तत्परता:

    ​जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज ने इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति हर संभव प्रयास कर रही है कि ऐसे मामलों को समय रहते पहचाना जाए। उन्होंने बताया कि जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र के प्रबंधक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी निरंतर धरातल पर कार्य कर रहे हैं ताकि जांच की प्रक्रिया को गति दी जा सके। डॉ. मनोज ने कहा कि अहमदाबाद जाने वाले बच्चों के उपचार, आवास और यात्रा का संपूर्ण व्यय सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवारों को बड़ी सहायता मिली है।

    ​स्वास्थ्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति:

    ​इस प्रस्थान के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों और सहयोगियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मौके पर जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी श्री ऋतुराज, जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक-सह-समन्वयक डॉ. शाइस्ता, जिला डाटा सहायक डॉ. सूचित कुमार, पीएसआई इंडिया की कुमारी सुरभि और अस्पताल प्रबंधक मजहर अली मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने बच्चों को शुभकामनाओं के साथ विदा किया और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे बच्चों के परिजनों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें।

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