स्थापना दिवस पर चिकित्सकों की अनूठी पहल: 25 क्षय रोगियों को गोद लेकर सौंपा पौष्टिक आहार
मुजफ्फरपुर। 'एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया' (ए.पी.आई.) ने अपने 81वें स्थापना दिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर शाखा द्वारा 'क्षय रोग मुक्त भारत अभियान' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 25 टीबी मरीजों को गोद लिया गया। इन मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर स्वास्थ्य के लिए संगठन की ओर से पोषण किट (फूड बास्केट) प्रदान की गई।
दवा के साथ दुआ और आहार भी जरूरी:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. कमलेश तिवारी (डीन, इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस) ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षय रोग का इलाज केवल दवाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए मरीज का शारीरिक रूप से मजबूत होना भी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ए.पी.आई. का लक्ष्य मरीजों को वह पोषण प्रदान करना है जो आर्थिक अभाव के कारण उन्हें नहीं मिल पाता। प्रो. तिवारी, जो आगामी 'एपिकॉन 2026' पटना के आयोजन सचिव भी हैं, ने इस पुनीत कार्य के लिए मुजफ्फरपुर इकाई की सराहना की।
निक्षय मित्र बनकर चिकित्सकों ने बढ़ाया हाथ:
ए.पी.आई. मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष डॉ. एस.के. पांडेय और सचिव डॉ. सी.के. दास ने संयुक्त रूप से बताया कि संगठन के सदस्य चिकित्सकों ने व्यक्तिगत रुचि लेकर इन मरीजों की जिम्मेदारी उठाई है। इस पहल के तहत मरीजों को हर महीने प्रोटीन, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे इस संक्रमण से जल्द मुक्त हो सकें।
निक्षय मित्र मॉडल प्रेरणादायी:
इस सेवा कार्य में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एन.टी.ई.पी.) के अधिकारियों का भी भरपूर सहयोग रहा। 'निक्षय मित्र' पहल के राज्य कार्यक्रम अधिकारी विकाश कुमार ने इस मॉडल को प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम में जिला स्तर से के.एच.पी.टी. के प्रतिनिधि दिनकर चतुर्वेदी, मरवन से एस.टी.एल.एस. मनोज कुमार और पारू से एसटीएस जलज विजेता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और तकनीकी सहयोग दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शहर के जाने-माने चिकित्सकों डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. एस.एम. मिश्रा, डॉ. नवनीत और डॉ. ए.के. दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
No comments