कालाजार उन्मूलन को लेकर घर-घर दस्तक, अधिकारियों ने किया निरीक्षण
-कालाजार संदिग्धों की पहचान और फाइलेरिया मरीजों की सूची बनाने के निर्देश
शिवहर: तरियानी प्रखंड अंतर्गत ग्राम वृंदावन में 20 दिसंबर से जारी 'घर-घर कालाजार खोज अभियान' की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा सघन पर्यवेक्षण किया गया। इस दौरान वीबीडीएस बृजकिशोर कुमार गुप्ता और पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम पदाधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने अभियान की प्रगति का जायजा लिया और आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संदिग्ध मरीजों को तत्काल पीएचसी भेजने पर जोर:
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक घर में जाकर बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की सूक्ष्मता से जांच करें। उन्होंने कालाजार के लक्षणों पर विशेष ध्यान देने और किसी भी संदिग्ध मरीज को तुरंत चिन्हित कर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) रेफर करने पर बल दिया, ताकि समय रहते उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
मरीजों को मिलेगी आर्थिक सहायता:
पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार कालाजार के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। कालाजार पॉजिटिव मरीजों के लिए सरकार द्वारा मुफ्त जांच और पूर्ण उपचार की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री कालाजार सहायता योजना के तहत मरीजों को ₹6600 और पीकेडीएल (पीकेडीएल) मरीजों को ₹4000 की सहायता राशि दी जाती है।
एलएफ मरीजों और हाइड्रोसील ऑपरेशन पर बैठक:
इसी क्रम में उपस्वास्थ्य केंद्र (एचएससी) वृंदावन में सीएचओ राजू कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जो फाइलेरिया (एलएफ) मरीज एमएमडीपी किट से वंचित हैं, उनकी सूची जल्द तैयार करने का निर्देश दिया गया। योग्य मरीजों को डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट और पेंशन योजना से जोड़ने पर चर्चा की गई। हाइड्रोसील से पीड़ित मरीजों को चिन्हित कर उन्हें ऑपरेशन के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई।
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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