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    कटे होंठ तालु वाले बच्चों के निःशुल्क ईलाज की हुई शुरुआत

    - 13 जिले के बच्चों की होगी सर्जरी

    - 75 बच्चों की सर्जरी कराई जा चुकी है

    मोतिहारी। आरबीएसके कार्यक्रम के तहत कटे होंठ तालु वाले बच्चों के निःशुल्क ईलाज की डंकन हॉस्पिटल रक्सौल से शुरुआत की गईं। इस दौरान चिन्हित जिले के कटे होंठ व तालु वाले बच्चों के ईलाज चिकित्स्कों की टीम द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव, एसडीएम रक्सौल मनीष कुमार, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। मौके पर सीएस, डीपीएम, डंकन हॉस्पिटल के प्रबंधक, आरबीएसके डीसी ने वार्ड में जाकर बच्चों के स्क्रीनिंग, ईलाज व्यवस्था की जानकारी डॉक्टर, परिजनों एवं स्टॉफ नर्स से लीं। मौके पर सीएस ने कहा की कटे होंठ व तालु वाले बच्चों के निःशुल्क ईलाज से अभिभावकों के चेहरे पऱ मुस्कान देखी जा रही है। उन्होंने बताया की यह काफ़ी ख़ुशी की बात है की अपने जिले में ही ईलाज की सुविधाएं उपलब्ध है। पिछली कैंप कुल 75 बच्चों की सर्जरी कराई जा चुकी है जिसमें पूर्वी चम्पारण के 40 बच्चे शामिल थें। उन्होंने बताया की नजदीकी क्षेत्र में निःशुल्क ईलाज से लोग परेशानीयों से बचेंगे और समय की काफ़ी बचत होगी। डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन ने बताया की  रक्सौल के डंकन हॉस्पिटल में होंठ तालु कटे बच्चों की सर्जरी प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम द्वारा निःशुल्क हो रही है साथ ही भोजन, रहने का भी प्रबंध किया गया है।

    आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ शशि मिश्रा ने कहा की आरबीएसके के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात दोष, डिफिसियेंसी, बाल रोग आदि को समय पर पहचानकर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जन्मजात कटे होठ के बच्चे का आपरेशन बिहार सरकार के खर्चे पर कराया जाता है। ऐसे बच्चों को चिन्हित करने के लिए आरबीएसके की टीम आंगनबाडी केंद्र एवं सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर बच्चों की जाँच कर चिन्हित करती है। चिकित्सकों की माने तो जन्मजात होने वाली यह बीमारी काफी बच्चों में होती है। सही समय पर इसका इलाज न किए जाने पर इसका इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिल के छेद सहित 42 प्रकार की बीमारियों से ग्रसित बच्चों के ईलाज की व्यवस्था पटना एवं अहमदाबाद जैसे स्वास्थ्य संस्थानों में कराया जाता है।

    मौके पर मनीष कुमार, एसडीएम रक्सौल, डॉ प्रभु जोसफ, मैनेजिंग डायरेक्टर डंकन हॉस्पिटल, समीर दीगल लाइर्जिंग ऑफिसर, जोसफ जॉन, डीएस डॉ स्वाति, एमओआईसी, डॉ राजीव रंजन, डॉ विजय कुमार, समीना सैयद, सिद्धांत कुमार व अन्य लोग उपस्थित थें।

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