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    फाइलेरिया प्रसार दर की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे महत्वपूर्ण: डॉ गुड़िया

    -बीसीएम, एलटी और सीएचओ को मिला प्रशिक्षण 

    -नाइट ब्लड सर्वे के पहले लोगों में इसके फायदे बताना जरूरी 

    वैशाली। सदर अस्पताल के प्रशासनिक भवन में सोमवार को प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को नाइट ब्लड सर्वे के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में मुख्यत: सफलतापूर्वक नाइट ब्लड सर्वे कराने पर जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने वालों में सभी प्रखंड सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बीसीएम, एलटी एवं सीएचओ थे। मालूम हो कि जिले में 25 नवंबर से 28 नवंबर तक नाइट ब्लड सर्वे किया जाना है। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में एक रैंडम (अस्थाई) और एक सेंटिनल (स्थाई) साईट बनाया गया है। प्रत्येक स्थायी एवं अस्थाायी सत्रों पर दो दिनों का एनबीएस किया जाएगा। 

    जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से सही प्रकार से सैंपल लेने, उनके प्रबंधन सहित जांच के सही तरीकों को बताना था। प्रत्येक साईट (रैंडम और सेंटिनल) से तीन सौ लोगों का सैंपल एकत्रित करना है। इससे फाइलेरिया प्रसार का सही आंकड़ा उपलब्ध हो पाएगा, जिससे सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत फाइलेरिया रोधी दवाओं के एडमिनिस्ट्रेशन में आसानी होगी। अभी जिले में 16 हजार 9 सौ 42 फाइलेरिया के चिन्हित मरीज हैं।

    प्रशिक्षण के दौरान भीडीसीओ राजीव कुमार और अमित कुमार ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है। इसमें प्रत्येक सत्र पर कम से कम तीन सौ सैंपल लेना आवश्यक है। नाइट ब्लड सर्वे रात में संचालित होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फाइलेरिया के परजीवी हमेशा रात में ही पेरिफेरल ब्लड सर्कुलेशन में निकलते हैं। स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति में भी फाइलेरिया के परजीवी हो सकते हैं। 

    एनबीएस से पता चलेगा कि किस प्रखंड में कितना फाइलेरिया का प्रसार है। प्रखंड के दोनों साइट मिलाकर प्रसार दर एक प्रतिशत या उससे अधिक आने पर आगामी फरवरी में एमडीए/आइडीए कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। 

    एनबीएस के पहले जागरूकता जरूरी: 

    जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने एनबीएस के पहले ग्रामीणों में एनबीएस के फायदों और फाइलेरिया के बारे में जागरूकता को काफी अहम बताया। पेशेंट सपोर्ट ग्रुप के सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी समेत प्रखंड स्तर के फाइलेरिया कर्मी भी इस जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग करेंगे। 

    मौके पर भीडीसीओ राजीव कुमार, अमित कुमार, निहाल कुमार,अनिकेत कुमार, भीबीडीसी धीरेन्द्र कुमार, पिरामल और सीएफएआर के।प्रतिनिधि सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

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