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    दवा व वैक्सीन आपूर्ति प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने कसी कमर

    ​• जिले में डीभीडीएमएस पोर्टल के सुदृढ़ संचालन को लेकर जिला स्तरीय रिफ्रेशर कार्यशाला आयोजित

    ​• एक्सपायरी दवाओं की रोकथाम, बफर स्टॉक प्रबंधन और वैज्ञानिक पूर्वानुमान पर रहा मुख्य जोर

    ​• स्वास्थ्य केंद्रों की रैंकिंग और पोर्टल प्रगति की हुई समीक्षा, कर्मियों को मिला हैंडहोल्डिंग प्रशिक्षण

    ​मुजफ्फरपुर। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति में बुधवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण-सह-क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण ड्रग्स एंड वैक्सीन सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम (डीभीडीएमएस) के प्रभावी क्रियान्वयन और सुदृढ़ीकरण को लेकर आयोजित किया गया।

    ​कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता जिला कार्यक्रम प्रबंधक सलीम जावेद एवं जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी राजेश झा ने की। तकनीकी सहयोग पिरामल फाउंडेशन की राज्य व जिला टीम द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें राज्य स्तरीय प्रशिक्षक अश्विनी, रितु सिंह, राजीव सिंह, प्रीति एवं नासिरुल होदा की सक्रिय भागीदारी रही।

    ​वैज्ञानिक इंडेंटिंग और पारदर्शी वितरण पर जोर:

    कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की वास्तविक मांग के वैज्ञानिक पूर्वानुमान, मासिक एवं त्रैमासिक इंडेंटिंग, प्राप्ति अभिस्वीकृति तथा दवाओं के सुव्यवस्थित निर्गमन पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ओपीडी-आईपीडी काउंटर तथा आईसीडीएस व शिक्षा विभाग जैसे अन्य विभागों तक दवा वितरण को पूरी तरह डीभीडीएमएस पोर्टल से जोड़ा जाए।

    ​एक्सपायरी दवाओं का प्रबंधन और बफर स्टॉक निर्धारण:

    प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से निकट भविष्य में एक्सपायर होने वाली और एक्सपायर हो चुकी औषधियों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया गया ताकि दवाओं की बर्बादी न्यूनतम की जा सके। 

    इसके अलावा- स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं का आदर्श स्टॉक स्तर बनाए रखना। ​आपूर्ति में लगने वाले समय का बेहतर प्रबंधन। ​मांग और खपत के आधार पर वैज्ञानिक बफर स्टॉक की गणना। ​स्थानीय स्तर पर दवा क्रय के लिए भंडार प्रबंधन समिति की स्वीकृति प्रक्रिया। ​पोर्टल प्रगति और प्रखंडवार रैंकिंग की समीक्षा पर विशेष बल दिया गया।

    सत्र के दौरान डीएमएंडईओ राजेश झा ने सभी प्रखंडों की डीभीडीएमएस पोर्टल पर प्रगति और रैंकिंग की गहन समीक्षा की। पोर्टल संचालन को दुरुस्त करने के लिए प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रखंड अनुश्रवण सहायकों तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को व्यावहारिक (हैंडहोल्डिंग) प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल से न केवल आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, बल्कि आमजन को प्राथमिक स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

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