कालाजार उन्मूलन के लिए आईआरएस के द्वितीय चक्र का शुभारंभ
-स्वास्थ्य विभाग ने तेज किया अभियान, छिड़काव दलों को किया रवाना
सीतामढ़ी। कालाजार उन्मूलन अभियान को सतत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय, सीतामढ़ी के प्रांगण में सोमवार को आईआरएस (इंडोर रेसिडुअल स्प्रे) के द्वितीय चक्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर एसएफडब्ल्यू पंजी का भी अनावरण किया गया।
कालाजार के खात्मे के करीब पहुंचा जिला:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने जिले में कालाजार उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों एवं अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईआरएस के माध्यम से घरों की दीवारों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है, जिससे कालाजार के प्रमुख वाहक बालू मक्खी (सैंडफ्लाई) के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
6,126 घरों और 30,627 लोगों तक पहुंचेगा अभियान:
आईआरएस के द्वितीय चक्र के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत 3 प्रखंडों के 3 गांवों और 6,126 घरों को लक्षित किया गया है। अभियान से लगभग 30,627 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छिड़काव दलों के माध्यम से निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा।
कालाजार मुक्त सीतामढ़ी का लिया संकल्प:
कार्यक्रम में वीडीसीओ प्रिंस कुमार, पवन कुमार, पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीड रोहित कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। इनमें शशि आनंद, दीपक, वीबीडीएस राकेश, नवीन, बीएचआई राजू रमन, एफएलए रजनीश और डीईओ कमलेश सहित अन्य कर्मी शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने सीतामढ़ी को कालाजार मुक्त बनाने का संकल्प लिया। साथ ही छिड़काव दलों एवं संबंधित गांवों में जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कालाजार उन्मूलन रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
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