फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर शिवहर शहरी क्षेत्र में बीसीसी बैठक आयोजित
-प्री-टास गतिविधियों को सफल बनाने पर जोर, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की अपील
-21 से 24 सितंबर तक रात 10 बजे से होगा रात्रि रक्तपट संग्रह (नाइट ब्लड सर्वे)
-चार वार्डों में 900 लोगों के रक्त नमूने लिए जाएंगे
शिवहर। लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (एलएफ) उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी प्री-टास गतिविधियों को प्रभावी एवं सफल बनाने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्र शिवहर में बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन (बीसीसी) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एमओआईसी गजनफर हैदर ने की। बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने तथा आगामी नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि प्री-टास गतिविधियों के दौरान संदिग्ध एवं संभावित फाइलेरिया मामलों की पहचान, रात्रिकालीन रक्त नमूना संग्रह तथा समुदाय के बीच फाइलेरिया से संबंधित जागरूकता बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य है। एमओआईसी ने स्वास्थ्य कर्मियों एवं संबंधित हितधारकों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान आम लोगों को समय पर एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा उन्हें एनबीएस के महत्व के बारे में समझाकर जांच के लिए प्रेरित किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के परजीवी माइक्रोफाइलेरिया की रक्त में उपस्थिति रात के समय अधिक होती है, इसलिए संक्रमण की पहचान के लिए रात में रक्त नमूना संग्रह महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से 21 से 24 सितंबर तक प्रत्येक रात 10 बजे से नाइट ब्लड सर्वे किया जाएगा। अभियान के दौरान कुल 900 लोगों के रक्त नमूने संग्रहित किए जाएंगे।
रक्त नमूना संग्रह के लिए वार्ड संख्या 03 विशुनपुर मानसिंह, वार्ड संख्या 22 दाऊद छपरा तथा वार्ड संख्या 24 एवं 25 चिकनौटा को चिन्हित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे निर्धारित समय पर जांच में भाग लेकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
बैठक में बीएचएम विवेक कुमार सिंह, बीपीएम लालबाबू कुमार, वीबीडीएस मनोज कुमार, वार्ड पार्षद, कार्यक्रम पदाधिकारी-संचारी रोग नवीन कुमार मिश्रा (पीरामल फाउंडेशन) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी एवं समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्री-टास गतिविधियों को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय एवं सामुदायिक सहयोग सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान जीविका समूहों, वार्ड प्रतिनिधियों एवं स्थानीय समुदाय के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को एनबीएस में भाग लेने के लिए प्रेरित करने तथा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
फाइलेरिया की समय पर पहचान एवं रोकथाम में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्री-टास गतिविधियों के दौरान प्रत्येक पात्र व्यक्ति की सक्रिय सहभागिता से संक्रमण की पहचान में मदद मिलेगी और एलएफ उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
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