मीनापुर सीएचसी का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जताई संतुष्टि
-मरीजों से लिया सेवाओं का फीडबैक, दवा, जांच, ओपीडी-आईपीडी और इमरजेंसी व्यवस्था का लिया जायजा
-ओपीडी में प्रतिदिन 250-300 मरीज, इस वर्ष इमरजेंसी में 23,887 मरीजों का हुआ उपचार
-सीएचसी के नए भवन और डिजिटल एक्स-रे सुविधा के लिए प्रशासन कर रहा प्रयास
मुजफ्फरपुर। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मीनापुर का औचक निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्ड एवं कक्षों का जायजा लिया तथा मरीजों और उनके परिजनों से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया। निरीक्षण में स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाएं बेहतर पाई गईं।
जिलाधिकारी ने पंजीकरण, चिकित्सकों की उपस्थिति व ड्यूटी रोस्टर, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, ओपीडी-आईपीडी, इमरजेंसी, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, प्रसूताओं एवं नवजात शिशुओं की देखभाल, एक्स-रे, यक्ष्मा उपचार, एईएस, ऑपरेशन थिएटर, भव्या डिजिटल काउंटर, एनसीडी क्लिनिक, ट्राईएज रूम और परिवार नियोजन सहित विभिन्न सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सरकार के निर्देशों के अनुरूप मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव सजग रहने का निर्देश दिया।
बेहतर प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य संकेतकों की डीएम ने की सराहना:
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सीएचसी में प्रतिदिन औसतन 250 से 300 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया जा रहा है। इस वर्ष इमरजेंसी में 23,887 मरीजों को देखा गया है। नियमित टीकाकरण में अगस्त माह में 103 प्रतिशत तथा अप्रैल से अगस्त तक 99 प्रतिशत उपलब्धि रही। पूर्ण टीकाकरण में अगस्त माह में 98 प्रतिशत तथा अप्रैल से अगस्त तक 102 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। 10 सितंबर 2026 तक एचपीवी गार्डासिल का आच्छादन शत-प्रतिशत रहा। वहीं मार्च से अब तक 1,44,975 मरीजों की टीबी स्क्रीनिंग की गई है। डीएम ने विभिन्न इंडिकेटर्स में लक्ष्य के अनुरूप बेहतर प्रगति की सराहना की।
नए भवन और डिजिटल एक्स-रे सुविधा को लेकर पहल:
जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों के हित में हर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सीएचसी में मरीजों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है और विभाग से समन्वय कर इस दिशा में तेजी लाई जाएगी। मरीजों को डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार एयर कंडीशनिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश भी दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद को समय पर समुचित उपचार, प्रावधान के अनुसार निःशुल्क दवा एवं जांच की सुविधा मिले। चिकित्सक ड्यूटी रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें तथा संस्थागत प्रसव, ओपीडी, आईपीडी, एएनसी, टीकाकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसे प्रमुख संकेतकों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार से लोगों का विश्वास बढ़ेगा। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
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