एनीमिया मुक्त बिहार अभियान के तहत सीतामढ़ी में विशेष अभियान का शुभारंभ
-25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, जांच, उपचार, परामर्श एवं रेफरल सेवाओं पर रहेगा विशेष जोर
सीतामढ़ी। एनीमिया की रोकथाम, समय पर पहचान एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से एनीमिया मुक्त बिहार अभियान के अंतर्गत विशेष अभियान की शुरुआत आज माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी द्वारा की गई। अभियान का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया गया, जिसमें राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी, सिविल सर्जन, चयनित स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मी, लाभुक वर्ग तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह विशेष अभियान 25 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान एनीमिया की समय पर पहचान, नियमित जांच, आवश्यकतानुसार उपचार, पोषण संबंधी परामर्श तथा गंभीर अथवा जटिल मामलों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में समय पर रेफरल सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पांच श्रेणियों के लाभुक होंगे लक्षित
अभियान के अंतर्गत समाज के विभिन्न आयु एवं वर्गों को शामिल करते हुए कुल पांच श्रेणियों के लाभुकों को लक्षित किया गया है। इनमें जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चे, 5 से 9 वर्ष तक के बच्चे, 10 से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियां, प्रजनन आयु वर्ग की महिलाएं, गर्भवती एवं धात्री महिलाएं तथा पुरुष एवं अन्य लाभुक शामिल हैं।
इन सभी वर्गों के लिए आवश्यकता के अनुरूप एनीमिया की जांच, परामर्श, उपचार एवं रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अभियान के माध्यम से एनीमिया के संभावित मामलों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार से जोड़ने तथा नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में सीतामढ़ी में अभियान को सफल बनाने की तैयारी
सीतामढ़ी जिले में जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया के मार्गदर्शन एवं सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव के नेतृत्व में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, डॉ. जेड. जावेद, डॉ. मुकेश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक असित रंजन, जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रतीक यादव, मनीषा कुमारी, अस्पताल प्रबंधक विजय झा, शंभू जी, पीरामल फाउंडेशन के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार, रोहित कुमार, रीतू कुमारी, PSI India से विनय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने जिले में एनीमिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा “एनीमिया मुक्त सीतामढ़ी” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया।
पोषण, नियमित जांच एवं उपचार पर विशेष जोर
अभियान का उद्देश्य केवल एनीमिया की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारणों की पहचान करते हुए लाभुकों को आवश्यक पोषण संबंधी परामर्श, नियमित जांच एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से समुदाय में एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित एवं पोषक आहार, आयरन सहित आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व के संबंध में भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
जांच के दौरान एनीमिया पाए जाने वाले लाभुकों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक उपचार एवं फॉलो-अप सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गंभीर या जटिल स्थिति वाले मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा, ताकि उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मिलेगी मदद
एनीमिया विशेष रूप से बच्चों, किशोरियों, प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की समय पर पहचान एवं उपचार मातृ स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में अभियान के माध्यम से नियमित जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य सही पोषण, नियमित जांच एवं समय पर उपचार तथा आवश्यकता के अनुसार त्वरित रेफरल की समेकित व्यवस्था के माध्यम से एनीमिया के मामलों में कमी लाना है। इससे महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ दीर्घकालिक रूप से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी सकारात्मक योगदान मिलने की उम्मीद है।
सीतामढ़ी जिले में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पीरामल फाउंडेशन, पीएसआई इंडिया एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयास से इस विशेष अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को जांच, परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी, नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। “एनीमिया मुक्त सीतामढ़ी” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं ने मिलकर प्रभावी ढंग से कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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