जिलाधिकारी बने निक्षय मित्र, टीबी के पांच मरीजों को लिया गोद
-टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 मरीजों को मिला फूड बास्केट, छह माह तक मिलेगी पोषण सहायता
-जिलाधिकारी ने लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने और जिले को टीबी मुक्त बनाने का किया आह्वान
-दो सप्ताह से अधिक खांसी, सीने में दर्द या थूक में खून आने पर तुरंत कराएं निःशुल्क जांच: जिलाधिकारी
मोतिहारी। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मंगलवार को सदर अस्पताल, मोतिहारी में जिला स्वास्थ्य समिति, पूर्वी चंपारण की ओर से पोषण सहायता वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव ने की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों ने 100 टीबी (यक्ष्मा) मरीजों को गोद लेकर उन्हें फूड बास्केट प्रदान किया। अभियान के तहत मरीजों को उपचार अवधि में लगातार छह माह तक प्रत्येक माह पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके बेहतर स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त एवं सिविल सर्जन ने पांच-पांच टीबी मरीजों को गोद लिया। वहीं अनुमंडल पदाधिकारियों ने तीन-तीन तथा जिला स्तरीय अधिकारियों ने दो-दो मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि नियमित पोषण और दवा के सेवन से टीबी रोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य वर्ष 2025 के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बनकर कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण में सहयोग कर सकता है। उन्होंने जिले के सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से इस अभियान से जुड़कर पूर्वी चंपारण को टीबी मुक्त बनाने में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, थूक में खून आना, वजन घटना, शाम के समय बुखार या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी का समय पर पता चलने और निर्धारित अवधि तक नियमित दवा लेने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री ज्ञानेश्वर प्रकाश सहित सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
No comments