टीबी मरीजों के लिए आगे बढ़ा समाज का हाथ, 150 को बांटे गए पोषण किट
-टीबी उन्मूलन के लिए सामाजिक सहयोग का लिया संकल्प, डीएम ने की सराहना
मुजफ्फरपुर। टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में शनिवार को मुजफ्फरपुर में एक अनूठी पहल देखने को मिली। उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में 150 टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया। इस दौरान टीबी मरीजों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया।
दवा के साथ पौष्टिक आहार और संबल जरूरी:
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि टीबी का उपचार केवल दवा से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए संतुलित पोषण और मानसिक संबल की भी उतनी ही आवश्यकता है। उन्होंने टीबी मरीजों के प्रति समाज के नजरिए में बदलाव की अपील करते हुए कहा कि जब तक समाज पूरी तरह संवेदनशील नहीं होगा, तब तक इस बीमारी को जड़ से मिटाना कठिन है। डीएम ने इस संयुक्त पहल के लिए आयोजक संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की बड़ी भूमिका:
कार्यक्रम में उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद, बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) मुजफ्फरपुर शाखा और माँ जानकी सेवा भारती के संयुक्त प्रयास की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति समाज को जागरूक करने तथा मरीजों को सहयोग प्रदान करने में इन संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. सी.के. दास, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सलीम जावेद सहित अन्य चिकित्सक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य महकमे के साथ जमीनी संस्थाओं का समन्वय:
इस मानवीय पहल को सफल बनाने में विभिन्न संस्थाओं ने एक टीम के रूप में कार्य किया। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की टीम, जिसमें जिला यक्ष्मा केंद्र के अधिकारी, एसटीएस, एसटीएलएस, टीबीएचवी एवं अन्य कर्मी शामिल थे, ने व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में अहम योगदान दिया। वहीं, केएचपीटी की पीआरआई एवं कम्युनिटी एंगेजमेंट टीम, जिला लीड एवं कम्युनिटी कोर्डिनेटर के साथ-साथ डेवलपिंग फाउंडेशन फॉर यूथ (डीएफवाई) के जिला एवं फील्ड स्तर के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की और मरीजों के उपचार व पुनर्वास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सेवा और प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण:
उत्तर बिहार वाणिज्य एवं उद्योग परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसरिया, मारवाड़ी सम्मेलन के नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर भर्तिया तथा आईसीएआई मुजफ्फरपुर शाखा के सचिव ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सेवा कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से 'टीबी मुक्त भारत' के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने का संकल्प लिया।
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