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    ’’राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’’ से अन्नदाता बदल रहे बिहार में कृषि की तकदीरः मंगल पांडेय

    -दलहन उत्पाद के लिए मिले 93.75 करोड़ की सौगात से बिहार के किसान बन रहे आत्मनिर्भर

    पटना। पूर्व स्वास्थ्य व कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित ’’राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’’ से बिहार के कृषि परिदृश्य और किसानों की आय में क्रांतिकारी बदलाव हो रहे हैं। इसके तहत दलहन उत्पादन का लक्ष्य 3.93 से बढ़ाकर 11.27 लाख टन किया गया है। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, 25 लाख तक की दाल मिल सब्सिडी और सुनिश्चित खरीद का बड़ा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच से केंद्र सरकार द्वारा धारातल पर फरवरी 2026 में शुरू किए गए ’’राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’’ से बिहार के किसानों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव आ रहा है। इस मिशन के तहत बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि दी गई है, जिसके लिए मैं पीएम नरेंद्र मोदी का सिवान सदर समेत समस्त बिहार की जनता व विशेषकर अन्नदाता किसान भाईयों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह मिशन पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में की गई थी और इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर 2025 को मंजूरी दी गई थी। 

    मंगल पांडेय ने कहा कि मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित दलहन अनुसंधान केंद्र में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा फरवरी माह में बिहार के कृषि मंत्री को योजना की राशि का चेक सौंपा गया था। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बिहार को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है।  वर्तमान में बिहार का दलहन उत्पादन 3.93 लाख मीट्रिक टन है। अगले 5 वर्षों में इसे बढ़ाकर 11.27 लाख मीट्रिक टन किया जाएगा। इससे बिहार न केवल अपनी जरूरत पूरी करेगा, बल्कि दूसरे राज्यों को भी दाल भेजेगा। बिहार की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल अरहर, चना, मसूर, उड़द और मूंग को विशेष फसल के रूप में चिह्नित किया गया है। इन फसलों पर विशेष ध्यान देकर उत्पादकता बढ़ाई जाएगी। बिहार में राष्ट्रीय स्तर का सीड हब स्थापित होगा। इससे बीज की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों सुनिश्चित होगी।  साथ ही प्रशिक्षण, भंडारण और दाल प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। 

    मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार का किसान हर साल बाढ़ और सुखाड़ से परेशान रहता है। इस मिशन के तहत दलहन फसलों के लिए कम प्रीमियम पर व्यापक फसल बीमा और मौसम जनित नुकसान पर तुरंत क्षतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है। मैं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देता हूं, जिनके अथक प्रयासों और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय के कारण बिहार को यह बड़ी सौगात मिली है। डबल इंजन की सरकार में बिहार का चहुंमुखी विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का मंत्र आज बिहार के खेत-खलिहान तक पहुंच रहा है।

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