जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम और सहायता तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
•जेंडर आधारित हिंसा के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित सहयोग पर बल
•महिला सुरक्षा से ही संभव है समावेशी विकास
पटना। सहयोगी संस्था द्वारा मनेर थाना अंतर्गत सराय पुलिस चौकी परिसर में सोमवार को जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम एवं संवेदनशीलता विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, हिंसा के मामलों में न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना तथा समुदाय में सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण के निर्माण को बढ़ावा देना था।
हिंसा, उत्पीड़न या भेदभाव को ना करें नजरअंदाज:
कार्यक्रम में एएसआई जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या भेदभाव को कभी भी सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित या उनके परिजन बिना किसी भय या संकोच के पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी शिकायत सुनने, आवश्यक कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, पुलिस की भूमिका और पीड़ितों के कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश थाना स्तर पर तत्काल सहायता नहीं मिल पाती है, तो महिलाएं महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना ही न्याय की दिशा में पहला कदम है और पुलिस यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि प्रत्येक पीड़ित को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उसे आवश्यक सहयोग और सुरक्षा प्रदान की जाए।
स्थानीय स्तर पर समाधान और सहयोग की जरूरत:
सिघाड़ा पंचायत की सरपंच शकुंतला देवी ने कहा कि पंचायत कचहरी महिलाओं एवं अन्य पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित या सर्वाइवर को डरने या संकोच करने की आवश्यकता नहीं है। पंचायत कचहरी में आने वाले मामलों का निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान करने का हर संभव प्रयास किया जाता है। वहीं सराय पंचायत के सरपंच तनुज कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित बैठकों और कचहरी के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुना जाता है तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने समुदाय से अपील की कि हिंसा या उत्पीड़न की किसी भी घटना को छिपाने के बजाय सामने लाएं, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता और न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि पंचायत और स्थानीय संस्थाएं महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के बिना समावेशी विकास संभव नहीं:
सहयोगी संस्था की प्रमुख रजनी ने कहा कि महिला हिंसा रोकना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विकास की आवश्यकता है। महिलाओं की सुरक्षा, समान भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित किए बिना समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। महिलाओं और किशोरियों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार जरूरी है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी समस्याएं पुलिस, पंचायत कचहरी या अन्य संस्थाओं के समक्ष रख सकें।
इस दौरान बलुआ पंचायत की वार्ड सदस्य लीला देवी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हिंसा से प्रभावित परिवारों को न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनके अनुभवों ने उपस्थित लोगों को यह समझने का अवसर दिया कि पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार और समय पर सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।
पंचायत कचहरी भी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा:
सराय पंचायत की न्याय मित्र मीरा कुमारी ने कहा कि घरेलू हिंसा एवं महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों के समाधान में पंचायत कचहरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर पंचायत कचहरी में आ सकती हैं, लेकिन सामाजिक संकोच, पारिवारिक दबाव और भय के कारण कई महिलाएं अब भी अपनी बात खुलकर नहीं रख पाती हैं। उन्होंने महिलाओं से आगे आकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और उपलब्ध न्यायिक व्यवस्थाओं का लाभ उठाने की अपील की।
सुरक्षित और हिंसा-मुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प:
कार्यक्रम के अंत में पंचायत, पुलिस, न्याय व्यवस्था और समुदाय के संयुक्त प्रयासों से महिलाओं एवं किशोरियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और हिंसा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में एएसआई जितेंद्र प्रसाद, सिपाही सुभास चंद्र यादव, मनोज कुमार, चौकीदार पिंकू कुमार, झूलन पासवान, न्याय मित्र मीरा कुमारी सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंच, पंच और वार्ड सदस्य मौजूद रहे। सिघाड़ा पंचायत की सरपंच शकुंतला देवी, पंच मंजू देवी, बाँक पंचायत की पंच चंपा देवी, प्रियंका देवी, वार्ड सदस्य सोनी देवी, सराय पंचायत सराय पंचायत के सरपंच तनुजा कुमार, वार्ड सदस्य पूजा देवी, दीपक कुमार, बलुआ पंचायत की पंच चंचल कुमारी, अनीता देवी, खुशबू देवी, वार्ड सदस्य लीला देवी, रंभा देवी इत्यादि उपस्थित रहे।
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