किसी भी प्रकार का खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे 6201984873

  • Breaking News

    पीएचसी पुरनहिया में एमएमडीपी कार्यशाला आयोजित, डीएम ने किया औचक निरीक्षण

    -फाइलेरिया एवं कालाजार नियंत्रण को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

    शिवहर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुरनहिया में मंगलवार को रोग प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (एमएमडीपी) कार्यशाला एवं आशा दिवस बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बिभास कुमार ने की। कार्यशाला का उद्देश्य फाइलेरिया एवं कालाजार जैसी उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रभावित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना रहा।

    बैठक में फाइलेरिया मरीजों के लिए एमएमडीपी किट के सही उपयोग, नियमित सेल्फ केयर, फाइलेरिया जनित दिव्यांगता की रोकथाम, दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए मरीजों की सूची तैयार करने एवं पंजीकृत मरीजों के नियमित फॉलोअप को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही कालाजार नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

    मरीजों को सेल्फ केयर की वैज्ञानिक विधि की दी गई जानकारी:

    कार्यशाला के दौरान पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि नवीन कुमार ने फाइलेरिया मरीजों एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रभावित अंगों की नियमित साफ-सफाई, त्वचा की देखभाल एवं सेल्फ केयर की वैज्ञानिक विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि एमएमडीपी किट का नियमित उपयोग और स्व-देखभाल से फाइलेरिया जनित सूजन एवं दिव्यांगता की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीड रोहित कुमार ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और फाइलेरिया मरीजों के नियमित फॉलोअप की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें एमएमडीपी सेवाओं से जोड़ने की अपील की।

    निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों के बीच बांटी एमएमडीपी किट:

    कार्यक्रम के उपरांत जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने पीएचसी पुरनहिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फाइलेरिया मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण किया तथा मरीजों से नियमित रूप से किट का उपयोग करने और सेल्फ केयर अपनाने की अपील की।

    जिला पदाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया जनित दिव्यांगता की रोकथाम के लिए नियमित देखभाल, स्वच्छता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के सतत फॉलोअप एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक ठाकुर विवेक सिंह, सामुदायिक उत्प्रेरक मीनाक्षी कुमारी, वेक्टर जनित रोग पर्यवेक्षक सचिन कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी एवं आशा फैसिलिटेटर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से फाइलेरिया एवं कालाजार उन्मूलन में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

    No comments

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728