तकनीक आधारित जनजातीय विकास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री लखेंद्र कुमार रौशन, माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, के द्वारा की गई । अपने संबोधन में माननीय मंत्री के द्वारा कहा गया कि जनजातीय विकास से संबंधित शोध एवं तकनीकी नवाचारों को धरातल से जोड़ते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना आवश्यक है।
विभागीय सचिव श्री संदीप कुमार आर० पुडकलकट्टी के द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि, जनजातीय समूहों से संबंधित योजनाओं का लाभ और उसके बारे में जानकारी उन तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती है जिसमें एआई बड़ी भूमिका निभाएगा।
कार्यशाला में आईआईटी पटना के प्रो. डॉ. प्रीतम द्वारा जनजातीय विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, सहायक प्रो. डॉ. चेतन कुमार पटेल द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार आधारित विकास, FILO ऐप के प्रतिनिधि श्री दीपेश कुमार सिंह द्वारा जनजातीय शिक्षा में ए.आई. के उपयोग, सी-डैक के प्रतिनिधि श्री सगुण बैजल द्वारा डिजिटल इंडिया हेतु इनोवेटिंग इंटेलिजेंस तथा गैर सरकारी संस्था PRADAN के प्रतिनिधि श्री शमशाद परवेज द्वारा ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण में तकनीक की भूमिका पर विचार साझा किए गए।
इसके अतिरिक्त वाधवानी ए.आई. समूह की श्रीमती अदिति पुथरन द्वारा जनजातीय विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, जनजातीय कार्य मंत्रालय की तकनीकी टीम द्वारा ए.आई. चैटबॉट एवं FRA तकनीक विकास विषय, तथा आईआईटी पटना की सहायक प्रो. श्रीमती श्वेता सिन्हा द्वारा लुप्तप्राय जनजातीय भाषाओं एवं तकनीकी एकीकरण विषय पर प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में राज्य के 24 जनजातीय जिलों से आए प्रखंड कल्याण पदाधिकारी एवं विभागीय पदाधिकारी प्रतिभागी के रूप में उपस्थित रहे।
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