किसी भी प्रकार का खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे 6201984873

  • Breaking News

    वैशाली में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम से स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प; चार माह में लगभग 1.5 लाख मरीजों को मिला कतार मुक्त उपचार

    ​वैशाली: वैशाली जिले के सरकारी अस्पतालों में अब लंबी लाइनों और अव्यवस्था का दौर समाप्त हो चुका है। आधुनिक क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के सफल क्रियान्वयन ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल और सुलभ बना दिया है। दिसंबर 2025 से लेकर 28 मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि इस नई प्रणाली ने न केवल ओपीडी के बोझ को कम किया है, बल्कि मरीजों के लिए इलाज की प्रक्रिया को भी बेहद सरल बना दिया है।

    ​साढ़े तीन महीनों का शानदार रिपोर्ट कार्ड:

    अस्पताल के डेटा विश्लेषण के अनुसार, दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह तक कुल 1,48,799 मरीजों ने पंजीकरण कराया। महीने-दर-महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर में 35,422, जनवरी में 39,235, फरवरी में 37,288 और मार्च में 28 तारीख तक 36,854 मरीजों का सुचारू रूप से उपचार किया गया। बिना किसी हंगामे या भारी भीड़ के इतने बड़े पैमाने पर मरीजों को परामर्श देना इस बात का प्रमाण है कि वैशाली का क्यू मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह सफल रहा है।

    ​वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन और प्रभावी नेतृत्व:

    इस डिजिटल बदलाव को जमीन पर उतारने में सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद का कुशल मार्गदर्शन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) डॉ. कुमार मनोज की प्रभावी कार्ययोजना अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने इस उपलब्धि पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह तकनीक से जोड़ना है ताकि आम आदमी को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वहीं डीपीएम डॉ. कुमार मनोज ने बताया कि क्यू मैनेजमेंट सिस्टम का मुख्य उद्देश्य मरीजों के 'वेटिंग टाइम' को कम करना और अस्पताल के माहौल को तनावमुक्त बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब कोई भी मरीज ओपीडी के बाहर घंटों खड़ा नहीं रहता, बल्कि टोकन और डिजिटल डिस्प्ले की मदद से अपनी बारी का इंतजार सम्मानपूर्वक करता है।

    ​स्वास्थ्य कर्मियों का अतुलनीय योगदान:

    इस सफलता के पीछे जिले के सभी डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी सहायकों और डेटा एंट्री ऑपरेटरों सहित समस्त स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा है। इन सभी कर्मियों ने नई डिजिटल व्यवस्था को तत्परता से अपनाया और हर मरीज को सुगम सेवाएं प्रदान करने में दिन-रात मेहनत की। स्वास्थ्य कर्मियों के इसी आपसी समन्वय और समर्पण के कारण ही इतने कम समय में करीब डेढ़ लाख मरीजों को कतार मुक्त उपचार देना संभव हो पाया है।

    ​व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार:

    क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने के बाद वैशाली के स्वास्थ्य केंद्रों में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। पहले जहाँ काउंटर पर भीड़ की वजह से विवाद की स्थिति बनती थी, वहीं अब डिजिटल पारदर्शिता ने ऐसी समस्याओं को जड़ से खत्म कर दिया है। मरीज अब अपनी बारी आने तक आराम से बैठ सकते हैं या अस्पताल की अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इस प्रणाली के कारण अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज में भी तेजी आई है और हर मरीज का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित है।

    ​सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद, डीपीएम डॉ. कुमार मनोज और पूरी स्वास्थ्य टीम के इन प्रयासों से वैशाली जिला आज स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभर रहा है। सरकारी अस्पतालों में मिल रही इस 'स्मार्ट' सुविधा ने आम जनता के बीच स्वास्थ्य विभाग की छवि को और अधिक विश्वसनीय और मददगार बना दिया है।

    No comments

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728