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    समाहरणालय में महिला दिवस का भव्य आयोजन, उत्कृष्ट सेवा के लिए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित

    - सजग नारी, स्वस्थ समाज: समाहरणालय में महिला शक्ति का उत्सव

    - कर्तव्य पालन में अग्रणी महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मिला सम्मान 

    ​मुजफ्फरपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला प्रशासन एवं जिला न्यायालय के जिला न्यायाधीश एवं उनकी टीम के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित की गई। एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाली महिला जांबाजों को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने इन महिलाओं के योगदान को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

    ​घर की जिम्मेदारी के बाद सेहत और संवाद के लिए जुटा समय:

    ​कार्यक्रम की रूपरेखा महिलाओं की दैनिक दिनचर्या और उनकी दोहरी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। अक्सर महिलाएं सुबह के समय घरेलू कार्यों और खाना बनाने में व्यस्त रहती हैं, इसलिए उनकी सुविधा के लिए रविवार होने के बावजूद कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिलाएं अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों से निवृत्त होकर मानसिक शांति के साथ इस स्वास्थ्य संवाद का हिस्सा बन सकें।

    ​इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए एक अत्यंत प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन हम जिले की हर उस महिला को सलाम करते हैं जो समाज को मजबूती दे रही हैं। श्री अशरफ ने भावुक होते हुए कहा, "आप अपनी सोच से कहीं अधिक मजबूत हैं। आपकी भावनाएं, आपकी आवाज और आपके सपने इस समाज के लिए बहुत मायने रखते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप स्वयं बहुत अनमोल हैं, इसलिए अपनी अहमियत और अपनी सेहत को कभी कमतर न आंकें क्योंकि यह दुनिया आपके होने से ही अधिक सशक्त है।" उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि दूसरों की सेहत सुधारने वाली हमारी महिला कर्मी अक्सर स्वयं के खान-पान की अनदेखी कर देती हैं। दोपहर 2 या 3 बजे तक भोजन टालने की आदत एसिडिटी और एनीमिया जैसी समस्याओं को जन्म देती है, जिससे उन्हें बचना होगा।

    स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित हो रहीं महिला जांबाज:

    ​सभागार में आयोजित इस सत्र के दौरान न केवल एनीमिया (खून की कमी) जैसी गंभीर समस्याओं पर चर्चा हुई, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में असाधारण कार्य करने वाली कर्मियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित होने वाली महिला कर्मियों में औराई की एएनएम किरण कुमारी को इमरजेंसी रूम में उनकी सक्रियता, और बंदरा की एएनएम विभा कुमारी को प्रसव सेवाओं सहित 'अंतरा' जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सराहा गया। इसी कड़ी में बोचहां की जीएनएम श्वेता डांगी को लेबर रूम में उनकी मुस्तैदी, सकरा की एफपीसी शशि मुक्ता को परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक लामबंदी में अग्रणी भूमिका निभाने, तथा सदर अस्पताल की डीईओ निशा कुमारी को एसएनसीयू  विभाग में बेहतर डाटा प्रबंधन और कार्य संपादन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

    ​कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि महिलाएं अपनी कीमत को पहचानें और आत्मनिर्भरता के साथ-साथ अपनी सेहत के प्रति भी हमेशा सजग रहें।

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