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    वैशाली में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान तेज, स्कूलों में विशेष बूथ लगाकर खिलाई गई सर्वजन दवा

    -बच्चों और शिक्षकों ने उत्साह के साथ किया दवा का सेवन, आरडीडी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

    -28 फ़रवरी तक होगा स्कूलों में बूथ का संचालन

    वैशाली। जिला में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने चेहरकला और महुआ प्रखंड में व्यापक स्तर पर बूथ लगाकर सर्वजन दवा सेवन करवाया। चेहरकलां के 46 और महुआ के 65 स्कूलो में विशेष बूथ लगाकर बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों सहित छूटे हुए लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी, पिरामल स्वास्थ्य, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे न केवल लोगों को दवा का सेवन करवा रही हैं, बल्कि फाइलेरिया बीमारी के प्रति जागरूक भी कर रही हैं। 

    जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी के अनुसार, अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। फाइलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जो शरीर के अंगों में सूजन पैदा कर गंभीर रूप ले सकती है। इससे बचाव के लिए सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा है। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में ही लोगों को खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक लक्षित आबादी का चेहरकला में 83 प्रतिशत और महुआ में 81 प्रतिशत लोगों ने दवा का सेवन कर लिया है। दवा खिलाने वाली टीम को यह स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी बच्चे को खाली पेट दवा नहीं खिलानी है। स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में यह ध्यान रखा जा रहा है कि बच्चे दोपहर का भोजन करने के बाद ही दवा खाएं। दवा खाने के बाद किसी भी तरह के दुष्प्रभाव का तुरंत ध्यान रखा जाएगा और जरुरी चिकित्सीय प्रबंधन किया जाएगा। दोनों प्रखंडों में रैपिड रिस्पांस टीम की तैनाती की गयी है जो ऐसी स्थिति में तुरंत जरुरी कदम उठाएगी। अभियान के दौरान जो लोग बूथ तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए घर-घर जाकर दवा खिलाने की भी व्यवस्था की गई है। 

    दवा खिलाने वाली टीम के पास रहेगी इमरजेंसी किट:

    डीभीबीडीसीओ ने बताया कि दवा के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए सभी टीम को इमरजेंसी किट उपलब्ध करायी गयी है। किट में ओआरएस, पारासीटामोल, उल्टी की दवा आदि है ताकि किसी भी संभावित दुष्प्रभाव का तुरंत प्रबंधन किया जा सके। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्यकर्मी बूथों पर अलर्ट मोड में रहेंगे और दवा सेवन की सफलता सुनिश्चित करेंगे।

    इसी क्रम में आरडीडी डॉ आशीष ने महुआ, सिंघाड़ा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय और चेहराकला के करहटिया प्राथमिक विद्यालय में चल रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का हाल जाना। यहां बच्चे और शिक्षक उत्साह के साथ फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करते दिखे। कार्यक्रम संचालन से आरडीडी संतुष्ट दिखे और स्वास्थ्यकर्मियों को जरूरी निर्देश दिया। यहां बच्चों के साथ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने भी फाइलेरिया की दवा खाई। मौके रीजनल डायरेक्टर एनसीडीसी भारत सरकार, डॉ आशीष कुमार, डीभीबीडीसीओ डॉ गुड़िया कुमारी, भीडीसीओ नेहा और राजीव, एमओआईसी डॉ अभिषेक, सीओई आनंद कश्यप, डीपीएल पियूष कुमार, कृष्णदेव कुमार, बीसीएम आफताब, बीएचएम चंदन, भीबीडीएस संतोष कुमार, प्रधानाध्यापिका अनामिका कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

    जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और दवा का सेवन कर अपने परिवार को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।

    स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा जताया है कि जनसहभागिता से वैशाली को जल्द ही फाइलेरिया मुक्त जिला बनाया जा सकेगा।




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