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    एमडीए के दौरान रजिस्टर संधारण और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पर दिया जाएगा जोर

    -17 दिन के अभियान में दो बार मॉप-अप राउंड
    -चेहरकलां और महुआ प्रखंड के एमओआइसी, बीएचएम और बीसीएम को मिला सर्वजन दवा अभियान पर प्रशिक्षण 

    वैशाली। जिले में आगामी 10 फरवरी से चलने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) और एमएमडीपी पर प्रशिक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण (टीओटी) सिविल सर्जन और डीवीबीडीसीओ डॉ. गुडिया की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में चेराकला और महुआ प्रखंड के मेडिकल ऑफिसर-इन-चार्ज (एमओआईसी), स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम), ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (बीसीएम) और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के साथ-साथ वीबीडीएस, डब्ल्यूएचओ, पिरामल और सीएफएआर के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    डॉ. गुडिया ने कहा कि 16 प्रखंडों में से केवल 2 ब्लॉक नाइट ब्लड सर्वे में फेल हुए हैं, जहां एमडीए आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान रजिस्टरों का संधारण और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की नितांत आवश्यकता है। यह हमेशा स्पष्ट रहे कि किसी भी हालत में दवाओं का वितरण न हो। हर वर्ग तक हमारी पहुंच हो ऐसी रणनिती और जागरूकता के प्रयास किए जाए। 

    फाइलेरिया कार्यक्रम प्रभारी वीडीसीओ अमित कुमार और डिस्ट्रिक्ट लीड पिरामल पियूष कुमार ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर कार्य करने, रजिस्टर संधारण करने, प्रारूप रिपोर्टिंग और पर्यवेक्षण के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने हाई रिस्क एरिया और छूटे हुए एरिया पर खास ध्यान देने के लिए प्लान बनाया।

    17 दिनों का होगा अभियान:
     
    टीओटी के दौरान जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया​ कि इस बार एमडीए 17 दिनों का है। इसमें तीन दिन स्कूलों एवं अन्य सार्वजनिक जगहों पर बूथ लगाकर दवाओं का सेवन कराया जाएगा। वहीं अन्य 14 दिन में ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर घर-घर जाकर लोगों को फैमिली रजिस्टर के अनुसार दवा खिलाएगें। इसमें दोनो हफ्ते में पहले 6 दिन घर पर जाकर तथा सातवें दिन छूटे हुए लोगों को ​दवा का सेवन खिलाकर मॉप राउंड चलाया जाएगा। एमडीए के दौरान दी जाने वाली दवाओं के डोज के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डोज पोल से नापने के दौरान अगर किसी बच्चे की हाइट अगर 90 सेंटीमीटर से कम हो तो किसी भी हालत में उसे आइवरमेक्टिन की गोली नहीं देनी है। इसके अलावा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती स्त्रीयों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। 

    मौके पर डीसीएम निभा रानी सिंहा, वीडीसीओ राजीव कुमार, अनीकेत कुमार, निहाल कुमार और वीबीडीसी धीरेंद्र कुमार उपस्थित थे।






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