मुजफ्फरपुर में 'मिशन परिवार विकास' का शंखनाद: जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
-2240 बंध्याकरण का दिया लक्ष्य
-दो चरणों 'दंपति संपर्क सप्ताह' और 'सेवा पखवाड़ा' में होगा आयोजन
मुजफ्फरपुर। जिले में बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने और परिवार नियोजन के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक मुहिम की शुरुआत होने जा रही है। राज्य स्वास्थ्य समिति के दिशा-निर्देशों के आलोक में, जिला स्वास्थ्य समिति ने आगामी 23 फरवरी 2026 से 'मिशन परिवार विकास अभियान' को धरातल पर उतारने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लगभग एक महीने तक चलने वाला यह अभियान न केवल लोगों को जागरूक करेगा, बल्कि योग्य दंपत्तियों के द्वार तक परिवार नियोजन की आधुनिक सेवाएं भी पहुंचाएगा।
लक्ष्यों का निर्धारण और स्वास्थ्य विभाग की रणनीति:
इस विशेष अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार की है। जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों, जिनमें मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अनुमंडलीय अस्पताल शामिल हैं, को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने इस अवधि के दौरान कुल 2240 बंध्याकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की सक्रिय भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा, अस्थायी उपायों के रूप में कॉपर-टी जैसी सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है ताकि परिवार नियोजन के विकल्पों में विविधता बनी रहे।
जागरूकता से सेवा तक: अभियान के दो महत्वपूर्ण पड़ाव:
पूरे अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है ताकि इसकी पहुंच प्रभावी बनी रहे। पहले चरण में 'दंपति संपर्क सप्ताह' आयोजित होगा, जिसके तहत आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर उन दंपत्तियों की पहचान करेंगी जिन्हें परिवार नियोजन की आवश्यकता है और उनका पूर्व-पंजीकरण करेंगी। इस दौरान 'सारथी' नाम के जागरूकता रथों के जरिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में संदेश फैलाया जाएगा। इसके पश्चात, दूसरे चरण में 'सेवा पखवाड़ा' शुरू होगा, जहां स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे तौर पर चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
प्रोत्साहन राशि और लाभार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं:
सरकार ने इस अभियान को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए न केवल सेवाओं को निशुल्क रखा है, बल्कि लाभार्थियों और उन्हें प्रेरित करने वाले कर्मियों के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आर्थिक सहयोग से इस कार्यक्रम की पहुंच बढ़ेगी। इसके साथ ही, संवेदनशीलता का परिचय देते हुए विभाग ने यह भी तय किया है कि बंध्याकरण कराने के पश्चात लाभार्थियों को सम्मानपूर्वक सरकारी एम्बुलेंस के माध्यम से उनके घर तक छोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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