मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना: हृदय रोग से ग्रसित दो बच्चे ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद रवाना
-सिविल सर्जन ने एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखा बच्चों को किया रवाना
शिवहर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) शिवहर के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बुधवार को जिला मुख्यालय से हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित दो मासूम बच्चों को बेहतर इलाज और ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा गया। सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार ने एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर बच्चों को रवाना किया और उनके सफल ऑपरेशन की कामना की।
मुफ्त होगा इलाज, हवाई जहाज से जाएंगे बच्चे:
सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि पिपराही प्रखंड के महसौरा गांव की सोफिया खातून (पिता अबरारुल हक) और कमरौली गांव की शिवानी कुमारी (पिता राज मंगल राय) के हृदय में छेद की शिकायत थी। इन दोनों बच्चों को बेहतर उपचार के लिए सत्यसांई अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया है। ये बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहले पटना जाएंगे, जहाँ से उन्हें हवाई जहाज द्वारा अहमदाबाद ले जाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के इलाज, रहने और यात्रा का सारा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
सिविल सर्जन ने बताया कि राज्य सरकार आर्थिक तंगी या किसी अन्य कारणों से बच्चों का इलाज करने में असक्षम लोगों को जरूरी मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य बच्चों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराना है ताकि वे स्वस्थ होकर सम्मान जीवन जी सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जीरो से 18 साल तक के चर्म रोग, दंत, आंख, श्वसन संबंधी विकार जन्मजात विकलांगता, कटे होंठ और तालु सहित कई अन्य रोगों का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाता है। आम लोगों में इस कार्यक्रम के प्रति जागरूक होने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। सरकार की यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास है बल्कि समाज के कमजोर वर्ग को यह एहसास दिलाता है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
आरबीएसके डीसी डॉ शोभना कुमारी ने बताया कि यह कदम उन परिवारों के लिए आशा की किरण है जो अपने बच्चों के इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना के तहत हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के निशुल्क इलाज का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि हमारी पूरी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठा सके और दूसरों को भी बताएं जिससे उन लोगों को भी यह बात पता चल सके कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत बच्चों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है क्योंकि कुछ ऐसे बच्चे हैं जिनके अभिभावक पैसे के अभाव में बच्चों का इलाज नहीं कर पाते हैं।
इस अवसर पर जिला समन्वयक (आरबीएसके) डॉ. शोभना कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। विभाग की इस तत्परता से बच्चों के परिजनों के चेहरे पर मुस्कान और एक नई उम्मीद दिखी।
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