बेटियों को बचाने के लिए मुजफ्फरपुर ने बढ़ाया कदम, सुधार के लिए सामूहिक संकल्प
-विधान परिषद में भी उठाई जाएगी बेहतर क्रियान्वयन की मांग
-बेटियों के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का लिया गया निर्णय
मुजफ्फरपुर। जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार लाने और समाज में बेटियों की महत्ता स्थापित करने के उद्देश्य से शनिवार को मिठनपुरा स्थित एक होटल में यूएनएफपीए, गर्ल्स काउंट और अमर त्रिशाला सेवा आश्रम द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर लिंगानुपात के अंतर को पाटने और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
विधान परिषद में कार्ययोजना पर होगी बात:
कार्यशाला को संबोधित करते हुए तिरहुत स्नातक क्षेत्र के एमएलसी ब्रजवासी वंशीधर ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वे आगामी विधान परिषद सत्र में मुजफ्फरपुर और बिहार के आंकड़ों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, "हम सरकार के समक्ष बेहतर कार्यप्रणाली की मांग रखेंगे ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आए और लिंगानुपात की स्थिति में सुधार हो।"
जागरूकता से बदलेगी तस्वीर:
यूएनएफपीए और गर्ल्स काउंट के प्रतिनिधि मो. रिजवान परवेज ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास से ही इस चुनौती का समाधान संभव है। उन्होंने डेटा साझा करते हुए सुधार की गुंजाइश पर जोर दिया। अमर त्रिशाला सेवा आश्रम के सचिव श्री रणजीत कुमार के कुशल संचालन में तीन अलग-अलग पैनल सत्र आयोजित किए गए, जिसमें चिकित्सकों, प्रोफेसरों और समाजसेवियों ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपने सुझाव दिए।
विशेषज्ञों का साझा संकल्प:
कार्यशाला में उपस्थित उप मेयर डॉ. मोनालिसा, डॉ. वंदना विजयलक्ष्मी और अन्य विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए समाज की सोच बदली जा सकती है। उपस्थित सभी 75 प्रतिभागियों ने विश्वास दिलाया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को जागरूक करेंगे ताकि भविष्य में महिला-पुरुष का अंतर पूरी तरह समाप्त हो सके।
इस अवसर पर डॉ. अनुपमा, डॉ. विजय कुमार जायसवाल, डॉ. अरुण कुमार सिंह, एडवोकेट अंकज कुमार, डीपीएम रेहान अशरफ, राकेश कुमार, प्रतिभा रानी, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. प्रियंका त्रिपाठी और गर्ल्स काउंट से दीपेश कपूर एवं सुरभि शर्मा सहित अमर त्रिशाला सेवा आश्रम की पूरी टीम मौजूद थी।
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