एमडीए की सफलता के लिए मुखिया कराएंगे दीवार लेखन,सामुदायिक सहभागिता की अपील
-मसौढ़ी पीएचसी सभागार में सीफार द्वारा जिला कोर ग्रुप की बैठक आयोजित
-बैठक में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों ने घोषणा पत्र का किया विमोचन
पटना। फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है। क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने के बाद इसके संक्रमण का प्रभाव 5-10 वर्षों के पश्चात हाथीपांव या हाइड्रोसील के सूजन के रूप में देखने को मिलता है। इससे बचाव के लिए आगामी वर्ष 2026 में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएगी। इसे स्वस्थ व्यक्ति को भी खाना है। उक्त बातें जिला स्वास्थ्य समिति पटना और सीफार के संयुक्त प्रयास से मसौढ़ी पीएचसी में आयोजित जिला कोर ग्रुप की बैठक में सोमवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरीय क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक डॉ रविशंकर सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी है। सीएचओ के नेतृत्व में रोगी हितधारक मंच के सदस्यों से उन्होंने लक्षित आबादी को एमडीए के दौरान दवा खिलाने में जागरूकता फैलाने को कही। बैठक में कुल 35 लोगों ने भाग लिया। मौके पर सीफार के घोषणा पत्र का विमोचन भी किया गया।
वहीं बैठक के दौरान पटना के जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुभाष चंद्र प्रसाद ने कहा कि एमडीए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है,बल्कि एक सामुदायिक भागीदारी है। एमडीए अभियान के दौरान शत—प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराना हमारी प्रतिबद्धताओं में शामिल है। सीएचओ के नेतृत्व में रोगी हित धारक से जुड़े फाइलेरिया मरीज वार्ड सदस्य,मुखिया और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि जब स्वयं आगे आकर दवा खाने का संदेश देते हैं तो समुदाय का विश्वास भी दृढ़ होता है। इसलिए मैं सभी पीएसपी सदस्यों व खासकर मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि सर्वजन दवा सेवन अभियान को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका निभाएं।
जनप्रतिधियों ने खुद ली सहभागिता की शपथ
बैठक के दौरान शाहाबाद और रेवा पंचायत के मुखिया रवि प्रकाश और राम कृपाल प्रसाद ने कहा कि सीएचओ-पीएसपी की पहल महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का प्रसार करके और स्वास्थ्य प्रणाली द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे विभिन्न समाधान के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ समाज को बढ़ावा दे रही है। दोनों ही मुखिया ने अपने पंचायत क्षेत्र में फाइलेरिया से जागरूकता संबंधित दीवार लेखन कराकर दूसरे पंचायतों को भी प्रेरित करेंगे।
फाइलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ अनुज सिंह रावत ने बैठक के दौरान सीएचओ के नेतृत्व में पीएसपी के कार्यों की सराहना की और कहा कि सीएचओ लीड पीएसपी के आने से जागरूकता का प्रसार तेजी से हुआ है। स्थानीय प्रतिनिधि और फाइलेरिया रोगियों की बातों को लोग अपने से रीलेट कर पाते हैं। इससे स्वास्थ्य जागरूकता और सिस्टम लिंकिंग निश्चित रूप से बढ़ते हैं। उन्होंने जिला कोर बैठक में उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि फाइलेरिया मरीजों के लिए सरकार द्वारा यूडीआईडी कार्ड बनाया जा रहा है। इसका लाभ उन्हें अवश्य दिलवाएं। साथ 10 फरवरी 2026 से होने वाले एमडीए अभियान को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामानुजम सिंह ने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन के लिए हम सभी समाज के लोगों को जागरूक होना होगा। तभी हमारी आने वाली पीढ़ी इस बीमारी की चपेट में आने से बचेंगे।
फाइलेरिया मरीजों के लिए रोगी हितधारक मंच बना अमृत
बैठक के दौरान फाइलेरिया रोगी अशोक ठाकुर ने अपने रोग का वृतांत बताते हुए कहा कि मैं पिछले 20 साल से पीड़ित था। मेरी जिंदगी काफी चुनौतीपूर्ण बीत रहा था। इसी बीच मुझे जो जानकारी रोगी हितधारक मंच से जुड़ने के बाद मिली वह पहले कभी नहीं मिली थी। मुझे इस बीमारी में आराम इस मंच से मिली जानकारी के बाद ही शुरू हुआ। कोर ग्रुप की बैठक में नवनीत कुमार,रीना देवी ने भी अपने अनुभव सुनाए। इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के डॉ अरुण कुमार, सीफार के एसपीएम रणविजय कुमार, डॉ श्याम जी मिश्रा,वरीय जिला समन्वयक नेहा कुमारी, प्रोजेक्ट एसोसिएट विकास चौहान, पिरामल की प्रखंड लीड खुशबू कुमारी और जिला कोर ग्रुप के दर्जनों सदस्य सहित पीएचसी के अन्य कर्मचारी व लोग मौजूद थे।
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