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    हरसिद्धि आईसीडीएस कार्यालय में पोषण मेला का हुआ आयोजन

    हरसिद्धि आईसीडीएस कार्यालय में पोषण मेला का हुआ आयोजन


    -  भव्य तरीके से लगाए गए कई तरह के पोषण स्टॉल

    - कुपोषण दूर करने के लिए सेविका,सहायिकाओं को दिए गए कई महत्वपूर्ण निर्देश

    मोतिहारी 29  सितंबर।

    पोषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आईसीडीएस द्वारा सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान हरसिद्धि के आईसीडीएस केंद्र पर पोषण मेला का आयोजन किया गया।जिसका विधिवत उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार  ,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार एवं अंचलाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

    मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलायी जा रही हैं। इसी क्रम में  बुधवार को प्रखंड में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत पोषण मेला आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों में कुपोषण के प्रभाव तथा महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया हमारे लिए चुनौती के रूप में उभरी है। इसमें सुधार लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पोषण पखवाड़ा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को पोषण पर जागरूक  किया जा रहा है। पोषण मेला की शुरुआत मंगल गीतों से की गई। इस दौरान पोषण से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। जिसमें गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोली, पोषाहार व फल आदि शामिल थे।

    इस अवसर पर  प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने बताया कि अब प्रत्येक माह की 14 तारीख को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका, सहायिकाओं, व महिला पर्यवेक्षिकाओं को बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें डायरिया प्रबंधन, कुपोषण से बचाव, पौष्टिक आहार, स्वच्छता , साफ-सफाई एवं  एनिमिया प्रबंधन की जानकारी भी दी गई।

    सीडीपीओ पूनम कुमारी ने बताया कि प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंगोली बनाकर, तथा रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण माह का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरों एवं महिलाओं को कुपोषण मुक्त और स्वस्थ बनाना है। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में गृह भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच करें। यह भी देखना है कि बच्चे कुपोषण के शिकार तो नहीं। बच्चों का वजन कम होने या दुबलेपन के शिकार होने पर उन्हें आवश्यक सलाह दें। लोगों को सही पोषण के लिए जागरूक करने के साथ ही बच्चों के खानपान के प्रति सजग होने एवं शिशु के उचित देखभाल की जानकारी देना है। पांच साल तक के बच्चों में स्टंटिंग (उम्र के अनुसार कम लंबाई) जाँच करनी है। साथ ही गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बताना है कि शिशु के जन्म लेने के एक घंटे के अंदर स्तनपान करवाना अनिवार्य है। छह महीने के बाद शिशु को ठोस आहार देना और उम्र बढ़ने के साथ-साथ बच्चों को विविधतापूर्ण भोजन भी दिया जाना चाहिए ताकि बढ़ती उम्र में उसे जरूरी पोषक तत्व मिल सके। साथ ही स्वच्छता पर पूरा ध्यान रखने व खाने से पहले हाथ धोने की आदतों के बारे में बताना जरूरी है।

    मौके पर  प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार ,अंचलाधिकारी , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील कुमार , सीडीपीओ पूनम कुमारी , केयर जिला प्रतिनिधि सुरैया खाँ , केयर प्रखंड प्रबंधक विक्रांत कुमार , केयर टीम से धनंजय कुमार, राजन कुमार , महिला पर्यवेक्षिका सरिता कुमारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी तथा सेविका उपस्थित थी l

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