कटरा में तीन दिन चला प्री-टीएएस रात्रिकालीन रक्त सर्वे, फाइलेरिया की स्थिति का होगा आकलन
प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बखरी, बेरई उत्तरी और बारी से जुड़े क्षेत्रों में सर्वे किया गया। बखरी गांव में इसकी शुरुआत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कल्याण और मुखिया हीरा सहनी ने की। इस दौरान बीएचएम, वीबीडीएस सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
रात में ही लिए गए रक्त के नमूने:
फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होते हैं। इसी कारण प्री-टीएएस के तहत रात्रिकालीन रक्त सर्वे किया जाता है। निर्धारित समय में लोगों के रक्त के नमूने लेकर उनकी जांच की जाती है। सर्वे से संबंधित क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलती है।
सीएचओ लीड पीएसपी ने लोगों तक पहुंचाई जानकारी:
प्री-टीएएस के दौरान लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीएचओ लीड पीएसपी के सदस्यों ने भी समुदाय के बीच संपर्क किया। पीएसपी सदस्य इंदु कुमारी, सीएम सुशीला देवी, एलएफ पुनीता देवी और सीएनआरपी ने लोगों को सर्वे की जानकारी दी और रक्त जांच के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया।
गांव स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ समुदाय से जुड़े लोगों की मौजूदगी से सर्वे की जानकारी परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिली। प्री-टीएएस से प्राप्त जांच संबंधी जानकारी फाइलेरिया उन्मूलन की आगे की गतिविधियों के लिए उपयोगी होगी।
फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया:
प्री-टीएएस फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सर्वे प्रक्रिया है। इसके माध्यम से क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का आकलन किया जाता है। कटरा में तीन दिनों तक चले रात्रिकालीन रक्त सर्वे के पूरा होने के बाद अब नमूनों की जांच से मिलने वाली जानकारी के आधार पर क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट होगी।
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