सदर अस्पताल मोतिहारी में 'पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन एवं टीम बिल्डिंग' कार्यशाला संपन्न
-मिशन क्वालिटी के तहत स्वास्थ्य कर्मियों ने सीखे 'स्वयं में बदलाव से व्यवस्था में बदलाव' के गुर
मोतिहारी: सदर अस्पताल, मोतिहारी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से एक दिवसीय 'पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन एवं टीम बिल्डिंग' कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यालय उपाधीक्षक के निर्देशानुसार और 'मिशन क्वालिटी' कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सभागार में जुटी स्वास्थ्य विभाग की शीर्ष टीम:
स्थानीय डी.एच.एस. मीटिंग हॉल (पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार) में आयोजित इस सत्र की संयुक्त अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. शरत चंद्र शर्मा और जिला प्रोग्राम मैनेजर (डीपीएम) ठाकुर विश्वमोहन प्रसाद ने की। अधिकारियों ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता, बेहतर समन्वय और आत्म-प्रबंधन से ही मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा दी जा सकती है।
पिरामल स्वास्थ्य का रहा सक्रिय तकनीकी सहयोग:
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में पिरामल स्वास्थ्य ने अहम तकनीकी और संगठनात्मक भूमिका निभाई। संस्था के प्रतिनिधि नवीदुर्रहमान, मुकेश कुमार और उनकी टीम ने सत्र का संचालन करते हुए कर्मियों को कार्यस्थल की चुनौतियों से निपटने और टीम भावना विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए।
'सेल्फ चेंज टू सिस्टम चेंज' पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण:
इस सघन सत्र में कुल 58 चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का मुख्य संदेश 'सेल्फ चेंज टू सिस्टम चेंज' (स्वयं में बदलाव से व्यवस्था में बदलाव) रहा। प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन, आत्म-सुधार, संवाद कौशल और प्रभावी प्रबंधन के तौर-तरीके सिखाए गए।
मेडिटेशन और टॉवर बिल्डिंग गतिविधियों से सीखा टीम वर्क:
प्रशिक्षण को व्यावहारिक और रुचिकर बनाने के लिए प्रतिभागियों से विशेष गतिविधियां कराई गईं। मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए मेडिटेशन (ध्यान) सत्र आयोजित हुआ, वहीं आपसी तालमेल और समस्या समाधान की क्षमता जांचने के लिए 'टॉवर बिल्डिंग' गतिविधि कराई गई, जिसमें सभी कर्मियों ने टीम भावना का परिचय दिया।
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