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    फाइलेरिया नियंत्रण को लेकर लैब कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

    -रात्रि रक्त पट्ट संग्रह की प्रक्रिया और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर

    -17 प्रखंडों व शहरी क्षेत्र में 16,200 लोगों के रक्त नमूने होंगे संग्रहित

    सीतामढ़ी। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने एवं आगामी रात्रि रक्त पट्ट संग्रह (एनबीएस) को गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव के नेतृत्व में किया गया।

    प्रशिक्षण में जिले के सभी 17 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र से 36 प्रयोगशाला प्रावैधिकी (लैब टेक्नीशियन) तथा 36 सहायकों ने भाग लिया। लैब कर्मियों को रक्त संग्रह, स्लाइड तैयार करने, स्टेनिंग तथा फाइलेरिया के परजीवी (वुचेरेरिया बैनक्रोफटी) की पहचान की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। पीपीटी के माध्यम से रात्रि रक्त पट्ट संग्रह की प्रक्रिया, आवश्यक सावधानियों एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी भी दी गई।

    16,200 लोगों के रक्त नमूने होंगे संग्रहित:

    रात्रि रक्त पट्ट संग्रह के तहत जिले के सभी 17 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्र के तीन-तीन गांवों से 300-300 लोगों के रक्त नमूने संग्रहित किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 16,200 लोगों के रक्त नमूने लिए जाएंगे। रक्त संग्रह का कार्य रात 10 बजे के बाद किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, फाइलेरिया का परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय एवं उपलब्ध रहता है, इसलिए माइक्रोफाइलेरिया की पहचान के लिए रात्रि में रक्त नमूना संग्रह किया जाता है।

    जिला स्तर पर होगी सघन मॉनिटरिंग:

    सिविल सर्जन डॉ. आर.के. यादव ने बताया कि अभियान के दौरान प्रखंड एवं जिला स्तर से सघन मॉनिटरिंग की जाएगी। रक्त संग्रह एवं जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारियों के साथ पीरामल फाउंडेशन एवं डब्लूएचओ की टीम द्वारा भी नियमित निगरानी की जाएगी।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में वीडीसीओ आरिफ खान, पवन यादव, वीबीडी नियंत्रण कार्यालय से रजनीश कुमार एवं कमलेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सहयोग किया। पीरामल फाउंडेशन की ओर से प्रोग्राम लीड रोहित कुमार, पीओ-सीडी विशाल कुमार, शशि कुमार एवं गांधी फेलो दीपक कुमार ने प्रशिक्षण के संचालन एवं समन्वय में सहयोग किया।

    फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में आयोजित यह प्रशिक्षण रात्रि रक्त पट्ट संग्रह की प्रक्रिया को मानकीकृत करने तथा रक्त नमूनों की गुणवत्ता एवं जांच की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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