किसी भी प्रकार का खबर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क करे 6201984873

  • Breaking News

    सात निश्चय-2’ की सार्थक पहल: बाल हृदय योजना बनी संजीवनी

    -वैशाली में 200 से अधिक मासूमों की सफल हृदय सर्जरी, बिदुपुर का श्वेतांक कुमार अहमदाबाद रवाना

    वैशाली। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली द्वारा बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘सात निश्चय पार्ट-2’ के अंतर्गत संचालित ‘मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना’ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए नई किरण साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से दिल में छेद या अन्य गंभीर हृदय विकारों से जूझ रहे मासूमों को पूरी तरह निःशुल्क एवं उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि आर्थिक तंगी किसी बच्चे के जीवन के रास्ते में बाधा न बन सके।

    योजना से मिल रहा पूर्ण निःशुल्क इलाज:

    इस योजना के तहत सर्जरी, दवाई, डॉक्टरों की फीस के साथ-साथ अहमदाबाद जाने का हवाई यात्रा व्यय और परिजनों के रहने-खाने का सारा खर्च राज्य सरकार उठाती है। योजना का मूल उद्देश्य है कि धन के अभाव में किसी भी बच्चे का इलाज न रुके।

    200 से अधिक बच्चों को मिला नया जीवन:

    जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली ने इस दिशा में अनुकरणीय उपलब्धि हासिल की है। जिले के 200 से अधिक बच्चों की अब तक सफल हृदय सर्जरी कराई जा चुकी है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि 200 से अधिक परिवारों की खुशहाली की कहानी है, जिनके चिरागों को समय पर सही इलाज से नवजीवन मिला है। इन बच्चों का इलाज राज्य के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों—इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी), मेदांता अस्पताल पटना तथा अहमदाबाद स्थित प्रतिष्ठित श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल में कराया गया है।

    हवाई मार्ग से अहमदाबाद भेजा गया श्वेतांक कुमार:

    इसी क्रम में 13 अक्टूबर 2026 को 105वें बैच में वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड निवासी जन्मजात हृदय रोग (दिल में छेद) से पीड़ित बालक श्वेतांक कुमार को विशेष उपचार हेतु अहमदाबाद रवाना किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली से एम्बुलेंस द्वारा बच्चे को पटना भेजा गया, जहां से उसे हवाई मार्ग द्वारा श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद ले जाया जाएगा। इस अवसर पर जिला समन्वयक (आरबीएसके) वैशाली डॉ. शाइस्ता, श्रीमती नीभा सिन्हा, सूचित कुमार, शिप्रा सोनी एवं फार्मासिस्ट अभिजीत कुमार ने हरी झंडी दिखाकर बच्चे को गंतव्य के लिए रवाना किया।

    अभिभावकों से अपील: लक्षण दिखे तो कराएं जांच

    डॉ. शाइस्ता (चिकित्सक, डीसी आरबीएसके, वैशाली) ने कहा कि जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान ही बच्चे के जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से हमारी टीमें लगातार बच्चों की जांच कर रही हैं। अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें और कोई शंका होने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या आरबीएसके टीम से संपर्क करें।

    जिलाधिकारी ने की सजगता की अपील:

    जिला पदाधिकारी, वैशाली ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। किसी भी बच्चे में जन्मजात बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें।

    स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता: समय पर स्क्रीनिंग और सही रेफरल

    डॉ. कुमार मनोज (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता है कि समय पर स्क्रीनिंग और सही रेफरल के माध्यम से हर जरूरतमंद बच्चे तक इलाज पहुंचे। आशा कार्यकर्ताओं और आरबीएसके टीमों के समन्वय से इस अभियान को और तेज किया जा रहा है।

    धन के अभाव में नहीं रुकेगा किसी मासूम का इलाज:

    डॉ. आर.के. साहू (सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली) ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति का यह दृढ़ संकल्प है कि धन के अभाव में किसी भी मासूम का इलाज न रुके। 200 से अधिक बच्चों की सफल सर्जरी हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

    संकल्प: हर बच्चे को स्वस्थ हृदय, हर परिवार को नई उम्मीद

    वैशाली जिला स्वास्थ्य समिति का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा इलाज से वंचित न रहे। समय पर पहचान, त्वरित रेफरल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए हर जरूरतमंद बच्चे को स्वस्थ और सुरक्षित जीवन देना ही इस योजना का मूल ध्येय है।

    No comments

    Post Top Ad

    ad728

    Post Bottom Ad

    ad728