शिवहर को फाइलेरिया मुक्त बनाने की कवायद तेज, प्री-टास अभियान शुरू
-सिविल सर्जन ने दाऊद छपरा में रात्रि रक्त पट्ट संग्रह का किया शुभारंभ
-लगातार तीन टास सर्वे में सफलता के बाद क्षेत्र घोषित होगा फाइलेरिया मुक्त
-जिले में 1200 मरीज चिह्नित, दवा और किट देकर किया जा रहा प्रबंधन
शिवहर। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने अहम कदम उठाया है। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 22 स्थित दाऊद छपरा में सोमवार की रात ‘प्री-टास एनबीएस’ (ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे के तहत रात्रि रक्त पट्ट संग्रह) अभियान का विधिवत शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. आर. के. सिंह ने किया।
मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कि पूर्व में हुए नाइट ब्लड सर्वे के दौरान शिवहर अर्बन आईयू (इंप्लीमेंटिंग यूनिट) का एमएफ रेट (माइक्रोफाइलेरिया दर) एक प्रतिशत से कम दर्ज किया गया था। दर कम होने के कारण पिछली बार यहां एमडीए (सर्वजन दवा सेवन) अभियान नहीं चलाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त घोषित करने के लिए प्री-टास, टास-1, टास-2 और टास-3 सहित कुल चार चरणों की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होता है। शिवहर अर्बन क्षेत्र पहले चरण को सफलतापूर्वक पार कर चुका है।
स्कूली बच्चों की जांच से तय होगा आगे का रुख:
सिविल सर्जन के अनुसार, अगले चरणों (टास-1 व 2) में स्कूली बच्चों के रक्त नमूनों की जांच कर माइक्रोफाइलेरिया दर का आकलन किया जाएगा। यदि इन चरणों में भी दर एक से कम रही, तो वहां एमडीए की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लगातार तीन टास सर्वे में मानक के अनुरूप परिणाम आने पर संबंधित क्षेत्र को पूर्ण रूप से फाइलेरिया मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 6 आईयू हैं। शेष 5 इकाइयों में नाइट ब्लड सर्वे कराया जाएगा, जहां परिणाम के आधार पर आगे की रणनीति (प्री-टास अथवा एमडीए) तय होगी।
1200 मरीजों की देखरेख दो स्तरों पर जारी:
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में जिले भर में फाइलेरिया के 1200 मरीज चिह्नित (लाइन लिस्टेड) हैं। इनका प्रबंधन दो स्तरों पर किया जा रहा है। फरवरी में चलने वाले एमडीए राउंड के दौरान मरीजों को दवा दी जाती है, वहीं एमएमडीपी किट मुहैया कराकर उन्हें प्रभावित अंगों की सफाई व घाव प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वार्डों में प्रतिनिधियों ने भी संभाली कमान:
इसी क्रम में नगर परिषद विशुनपुर मानसिंह (वार्ड-3) में पार्षद प्रतिनिधि मो. शमशाद अहमद तथा चिकनौटा में पार्षद प्रतिनिधि संतोष कुमार ने भी अभियान का उद्घाटन किया। मौके पर मौजूद जीविका दीदियों, आशा फैसिलिटेटर रिंकू कुमारी, आशा खुशबू कुमारी और आंगनबाड़ी सेविकाओं ने लोगों को जांच के प्रति जागरूक किया और रक्त नमूने देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. अरुण पाण्डेय, एफएलए कामेश्वर प्रसाद, पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर रोहित कुमार व संचारी रोग पदाधिकारी नवीन कुमार मिश्रा, वीबीडीएस मनोज कुमार समेत एनबीएस टीम के कई सदस्य उपस्थित रहे।
No comments