सदर अस्पताल में मिशन परिवार विकास पखवाड़े का आगाज, लगाए गए तीन जागरूकता स्टॉल
-छोटा परिवार ही खुशहाल जीवन और स्वस्थ समाज का वास्तविक आधार है
वैशाली। सदर अस्पताल हाजीपुर परिसर में बुधवार को मिशन परिवार विकास अभियान के तहत परिवार नियोजन सेवा पखवाड़े का विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का औपचारिक आगाज प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. गुड़िया कुमारी एवं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अस्पताल प्रांगण में परिवार नियोजन के आधुनिक एवं पारंपरिक साधनों पर आधारित तीन विशेष प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को जागरूक करने के साथ आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया।
योग्य दंपतियों को सही समय पर सही परामर्श और सेवा दिलाना विभाग की प्राथमिकता:
उद्घाटन करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. गुड़िया कुमारी ने कहा कि खुशहाल दांपत्य और स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है जब परिवार सीमित और योजनाबद्ध हो। उन्होंने कहा कि 14 से 26 सितंबर तक चलने वाले इस सेवा पखवाड़े के दौरान जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और अनुमंडलीय अस्पतालों में बंध्याकरण एवं नसबंदी की गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही पहले बच्चे के जन्म में देरी और दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का सुरक्षित अंतर रखने के लिए योग्य दंपतियों को स्थाई व अस्थाई दोनों माध्यमों की जानकारी दी जा रही है।
जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए शिविरों के माध्यम से पुरुष सहभागिता पर विशेष जोर:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल प्रकाश ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए पुरुष सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले भर में फिक्स्ड डे सर्विस के तहत विशेष शिविरों का रोस्टर निर्धारित किया गया है, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लाभार्थियों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो। अस्पताल परिसर में बनाए गए तीनों स्टॉलों पर कंडोम, गर्भनिरोधक गोली छाया, माला-एन, ईजी-पिल के साथ त्रैमासिक गर्भनिरोधक सुई अंतरा और कॉपर-टी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों के जरिए घर-घर पहुंचाई जा रही सेवाएं:
कार्यक्रम के दौरान जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम) निभा रानी ने समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "परिवार नियोजन की सफलता केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वास्तविक धुरी गांव और टोले में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका और जीविका दीदियां हैं। दंपत्ति संपर्क सप्ताह के दौरान घर-घर जाकर योग्य दंपतियों का सर्वे और सूचीकरण किया गया है। अब सेवा पखवाड़े के दौरान इन चिन्हित लाभार्थियों को अस्पताल तक पहुंचाकर सुरक्षित सेवाएं दिलाना हमारी प्राथमिकता है। तीनों स्टॉलों के माध्यम से योग्य दंपतियों की शंकाओं का समाधान कर उन्हें स्वेच्छा से साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।"
इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कई चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, परिवार नियोजन परामर्शी एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे। अस्पताल पहुंचे अनेक लाभार्थियों ने प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया और परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों के विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
No comments