फाइलेरिया मरीजों को दिया गया एमएमडीपी किट, देखभाल के बताए तरीके
-पंचायत सरकार भवन चंडीहा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
-मरीजों को पैरों की नियमित सफाई, सूजन नियंत्रण एवं संक्रमण से बचाव की दी गई जानकारी
-दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से भी कराया गया अवगत
शिवहर। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत पुरनहिया प्रखंड के पंचायत सरकार भवन, चंडीहा में फाइलेरिया (हाथी पांव) से पीड़ित मरीजों के लिए एक दिवसीय एमएमडीपी (रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता निवारण) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 20 फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया तथा घर पर पैरों एवं प्रभावित अंगों की नियमित देखभाल के तरीके बताए गए।
कार्यशाला की अध्यक्षता बखार चंडीहा पंचायत की मुखिया दीपा कुमारी ने की। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विभाष कुमार, वीबीडीएस सचिन कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक विवेक कुमार सिंह, जीविका सामुदायिक उत्प्रेरक करुणा कुमारी, आशा कार्यकर्ता फूल कुमारी एवं आशा देवी, पीरामल स्वास्थ्य के कार्यक्रम पदाधिकारी (संचारी रोग) नवीन मिश्रा सहित सभी आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
कार्यशाला में फाइलेरिया मरीजों को प्रभावित अंगों की नियमित सफाई, सूजन को नियंत्रित करने के उपाय तथा संक्रमण से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। वीबीडीएस सचिन कुमार ने एमएमडीपी किट में उपलब्ध साबुन, टॉवेल, एंटीसेप्टिक सहित अन्य सामग्री के उपयोग की विधि का प्रदर्शन कर मरीजों को समझाया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विभाष कुमार ने कहा कि फाइलेरिया गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। नियमित साफ-सफाई, उचित देखभाल और उपचार से इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एमएमडीपी किट मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
पीरामल स्वास्थ्य के कार्यक्रम पदाधिकारी नवीन मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य फाइलेरिया मरीजों को अपनी देखभाल के प्रति आत्मनिर्भर बनाना और बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई। साथ ही मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने तथा दिव्यांगता लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
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