दवाओं की गुणवत्ता में मुजफ्फरपुर का राज्यभर में बजा डंका, ओवरऑल रैंकिंग में हासिल किया चौथा स्थान
मुजफ्फरपुर। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण के मामले में मुजफ्फरपुर जिले ने पूरे बिहार में शानदार प्रदर्शन किया है। ड्रग्स एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (डीवीडीएमएस) की ओर से 8 से 27 जून 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर जारी समेकित रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर 80.87 के फाइनल स्कोर के साथ पूरे राज्य में चौथे पायदान पर पहुंच गया है। जिले की इस उपलब्धि से स्वास्थ्य महकमे में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
क्वालिटी कंप्लायंस में राज्य में दूसरा स्थान:
गुणवत्ता अनुपालन यानी क्वालिटी कंप्लायंस के पैमाने पर मुजफ्फरपुर ने राज्यभर में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी मजबूत कार्यप्रणाली को साबित किया है। जिले के कुल 607 स्वास्थ्य केंद्रों में दवा रखरखाव और गुणवत्ता के सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन पाया गया, जिसका प्रतिशत 93.53 दर्ज किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इन केंद्रों पर मरीजों को दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और मानक के अनुरूप हैं तथा वहां एक भी एक्सपायरी या अमानक दवा नहीं मिली है। मुंगेर के बाद इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षित दवाओं का अनुपालन सुनिश्चित करने वाला मुजफ्फरपुर दूसरा सबसे प्रमुख जिला बन गया है।
शहरी से लेकर प्राथमिक केंद्रों तक दवाओं की मजबूत उपलब्धता:
दवाओं की उपलब्धता के मामले में भी जिले के प्रमुख अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता 86.58 प्रतिशत रही, जबकि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में यह आंकड़ा 83.90 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी तरह जिला अस्पताल में 83.06 प्रतिशत, एचडब्ल्यूसी-पीएचसी स्तर पर 82.70 प्रतिशत और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 81.52 प्रतिशत तक जरूरी दवाओं की सतत आपूर्ति दर्ज की गई है। दवाओं के सटीक प्रबंधन, नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के कारण जिले ने टॉप-5 में अपनी मजबूत जगह बनाई है।
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