निक्षय मित्र बन रेड क्रॉस ने 43 टीबी मरीजों को लिया गोद
-छह महीने तक हर माह दी जाएगी पोषण की पोटली
-प्रोटीनयुक्त आहार और नियमित दवा सेवन से टीबी पर काबू संभव : डॉ. रमेश चंद्रा
-मरीजों व परिजनों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क भी वितरित
बेतिया। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा, पश्चिम चंपारण, बेतिया के सदस्यों ने निक्षय मित्र बनकर 43 टीबी मरीजों को गोद लिया है। इसी क्रम में रविवार को रेड क्रॉस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी 43 मरीजों के बीच पोषण की पोटली का वितरण किया गया। मरीजों को अगले छह महीने तक प्रत्येक माह पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसीएमओ सह जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने रेड क्रॉस सोसाइटी की सक्रियता और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रोटीनयुक्त आहार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। नियमित रूप से दवा का सेवन, आवश्यक सावधानी और पौष्टिक भोजन के माध्यम से टीबी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने टीबी मरीजों से उपचार के दौरान दवाओं का सेवन नियमित रूप से करने की अपील की।
रेड क्रॉस के सचिव डॉ. जगमोहन कुमार, कोषाध्यक्ष रजत कुमार तोदी एवं संयुक्त सचिव जगदेव प्रसाद ने बताया कि पोषण की पोटली में दाल, सोयाबीन, चीनी, चना, ओट्स, दलिया समेत अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य सामग्री शामिल है। टीबी के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से मरीजों और उनके परिजनों को कॉटन एवं डिस्पोजेबल मास्क भी उपलब्ध कराया गया।
रेड क्रॉस के चेयरमैन डॉ. सुशील प्रसाद चौधरी, वाइस चेयरमैन विश्वनाथ झुनझुनवाला सहित प्रबंध समिति के सदस्यों, आजीवन सदस्यों तथा मां वेलफेयर ट्रस्ट के सहयोग से 43 मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने में आजीवन सदस्य इमरान कुरेशी, अजहर आलम, डॉ. इंद्रासन साह, स्वयंसेवक राम कुमार एवं कर्मी रामरतन प्रसाद का सराहनीय योगदान रहा।
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