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    वैशाली में 24.3 लाख नागरिकों ने बनाई आभा आईडी, घर बैठे भी बना सकते हैं डिजिटल हेल्थ आईडी

    -लक्ष्य का 57.43 प्रतिशत पूरा, गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से भी बनाया जा रहा आभा कार्ड

    वैशाली। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत वैशाली जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। जिले में अब तक 24.3 लाख नागरिक आभा आईडी बनाकर डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। आभा आईडी के साथ स्कैन एंड शेयर और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में मदद कर रही हैं। गांव स्तर पर भी नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से आभा आईडी निर्माण में सहयोग किया जा रहा है।

    लक्ष्य का 57.43 प्रतिशत हुआ पूरा:

    जिले में 42.3 लाख लोगों के लिए आभा आईडी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले 24.3 लाख नागरिकों की आभा आईडी बन चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य का 57.43 प्रतिशत है। डिजिटल स्वास्थ्य पहचान को लेकर जिले में लगातार जागरूकता और सहयोग की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे अधिक से अधिक नागरिक इस सुविधा से जुड़ सकें।

    14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान:

    आभा आईडी 14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है। इसके माध्यम से नागरिक अपने स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकते हैं। जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से संबंधित जानकारी को डिजिटल रूप में रखने की सुविधा मिलती है। मरीज की सहमति के आधार पर आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी जानकारी संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा की जा सकती है।

    घर बैठे भी बना सकते हैं आभा आईडी:

    आभा आईडी बनवाने के लिए नागरिकों को केवल स्वास्थ्य केंद्र तक जाने की आवश्यकता नहीं है। नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर की सहायता से आभा आईडी बनवाई जा सकती है। इसके साथ ही मोबाइल और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर नागरिक स्वयं भी निःशुल्क आभा आईडी बना सकते हैं। आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से भी आभा आईडी बनाने की सुविधा उपलब्ध है। गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी नागरिकों को आभा आईडी निर्माण में आवश्यक सहयोग और जानकारी दी जा रही है।

    स्कैन एंड शेयर से पंजीकरण हुआ आसान:

    स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्कैन एंड शेयर सुविधा के माध्यम से मरीज मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इससे स्वास्थ्य संस्थान में पंजीकरण के लिए आवश्यक प्रक्रिया अधिक डिजिटल और सुविधाजनक बनती है। जिले में निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों को भी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    निजी अस्पतालों में भी लागू हो रही सुविधा:

    स्कैन एंड शेयर की सुविधा निजी क्षेत्र के प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना  में सूचीबद्ध अस्पतालों में लागू की जा चुकी है। इसके अलावा जिले के अन्य निजी अस्पतालों में भी स्कैन एंड शेयर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से लगातार कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि नागरिकों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल सके।

    डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से जानकारी रहेगी व्यवस्थित:

    डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के माध्यम से मरीज अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से रख सकते हैं। मरीज की सहमति के आधार पर चिकित्सक आवश्यक स्वास्थ्य रिकॉर्ड देख सकते हैं। इससे पुराने स्वास्थ्य दस्तावेजों को संभालकर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा मिलती है।

    जिला क्रियान्वयन इकाई से मिल सकती है जानकारी:

    जिला कार्यक्रम समन्वयक  विमला कुमारी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए लगातार जागरूकता और सहयोग की गतिविधियां की जा रही हैं। गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी आभा आईडी निर्माण के लिए नागरिकों को सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आभा आईडी, स्कैन एंड शेयर और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से जुड़ी अधिक जानकारी नागरिक जिला क्रियान्वयन इकाई (आयुष्मान भारत) के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। यह कार्यालय सदर अस्पताल परिसर में उपलब्ध है। जानकारी के लिए 8210506959 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाने की अपील:

    स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आभा आईडी बनवाने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने की अपील की है। विभाग के अनुसार आभा आईडी, स्कैन एंड शेयर और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं नागरिकों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से व्यवस्थित रखने और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुविधाजनक पहुंच बनाने में सहायक हैं।

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