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    दशरथ मांझी संस्थान में पीएम पोषण योजना के तहत दो दिवसीय टीओटी कार्यक्रम संपन्न

    वैशाली। राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण यानी पीएम पोषण योजना के तहत पटना के दशरथ मांझी अध्ययन संस्थान में चल रहा दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अब ये मास्टर ट्रेनर पूरे बिहार के सभी प्रखंड साधन सेवियों और रसोइयों को भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के गुर सिखाएंगे।

    ​मध्याह्न भोजन निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैशाली सहित सूबे के सभी 38 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें प्रत्येक जिले से चार प्रखंड साधन सेवी और चार रसोइया सह सहायक बतौर प्रतिभागी शामिल हुए। इस प्रकार विशेषज्ञों द्वारा कुल 304 प्रशिक्षुओं को सघन तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मध्याह्न भोजन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता में सुधार और बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जमीनी स्तर पर तकनीकी क्षमता को मजबूत करना है।

    ​कार्यक्रम का शुभारंभ मध्याह्न भोजन निदेशालय के पदाधिकारियों और यूनिसेफ के विशेषज्ञों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कई तकनीकी सत्र आयोजित किए, जिनमें मुख्य रूप से पोषक तत्वों को नष्ट किए बिना भोजन तैयार करने की वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जल, स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार के कड़े मानकों का पालन करने, खाद्य सामग्री का सही चयन, गुणवत्ता मूल्यांकन और अनाज, दाल व सब्जियों की सही तरीके से सफाई पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा भोजन में मूलभूत कैटरिंग व्यवस्था और भोजन तैयार करने से लेकर परोसने के दौरान होने वाले जोखिमों की पहचान करने के तरीके भी बताए गए।

    ​प्रशिक्षण के दौरान वीडियो और विजुअल्स के माध्यम से रसोइयों को अनाज की सफाई से लेकर बच्चों की थाली तक भोजन परोसने की पूरी प्रक्रिया को लाइव प्रदर्शन के जरिए समझाया गया। इस मौके पर मध्याह्न भोजन निदेशालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा यूनिसेफ के पोषण पदाधिकारी, आईएचएम बोधगया के प्राचार्य, एमडीएम के पोषण विशेषज्ञ, विद्यालय पोषण कार्यक्रम के राज्य सलाहकार और राज्य आहार सलाहकार सहित कई अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद स्कूलों में बच्चों को और अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और पोषणयुक्त भोजन मिल सकेगा।

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